Neha Singh Rathore: सोशल मीडिया पर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के मामले में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर शनिवार को अपने पति हिमांशु के साथ लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली पहुंचीं। नेहा सिंह राठौर ने पुलिस के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए लिखित बयान दर्ज कराया।
गौरतलब है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद से पुलिस और अदालत की ओर से नेहा सिंह राठौर को कई बार नोटिस भेजे गए थे, लेकिन वह अब तक बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित नहीं हुई थीं। नेहा ने बीमारी का हवाला देते हुए विवेचना से दूरी बनाए रखी थी।
Neha Singh Rathore: हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत
मामले में राहत पाने के लिए नेहा सिंह राठौर पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचीं, लेकिन दोनों ही अदालतों से उन्हें झटका लगा। हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि अभियुक्ता विवेचना में सहयोग नहीं कर रही है।

न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया था कि एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करते समय दो सदस्यीय खंडपीठ ने नेहा सिंह राठौर को विवेचनाधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद जांच में सहयोग न करने के कारण उन्हें अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
Neha Singh Rathore: पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ा है मामला
उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से कथित तौर पर आपत्तिजनक, धार्मिक और देश विरोधी टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी को लेकर 27 अप्रैल 2025 को हजरतगंज थाने में अभय प्रताप सिंह उर्फ निर्भीक द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
लगातार नोटिस के बावजूद पेश न होने के बाद अब नेहा सिंह राठौर स्वयं कोतवाली पहुंचीं और अपना बयान दर्ज कराया। पुलिस मामले की विवेचना आगे बढ़ा रही है।