Venezuela Attack: रूस की संसद के उच्च सदन फेडरेशन काउंसिल के उपाध्यक्ष कोंस्टेंटिन कोसाचेव ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने साफ कहा कि इस कार्रवाई का कोई वैध या ठोस आधार नहीं है, क्योंकि वेनेजुएला ने अमेरिका के लिए किसी भी तरह का खतरा पैदा नहीं किया है।
शनिवार को अपने टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट करते हुए कोसाचेव ने लिखा,
“इसमें कोई संदेह नहीं कि वेनेजुएला ने अमेरिका के लिए न तो सैन्य, न मानवीय, न आपराधिक और न ही मादक पदार्थों से जुड़ा कोई खतरा पैदा किया है।”
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों और हफ्तों में वेनेजुएला के खिलाफ उठाए गए कदमों की तरह मौजूदा सैन्य कार्रवाई का भी कोई औचित्य नहीं है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, कोसाचेव ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था किसी एक देश द्वारा थोपे गए तथाकथित “नियमों” पर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित होनी चाहिए।
Venezuela Attack: अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन: रूस
कोसाचेव ने आरोप लगाया कि अमेरिकी कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है और ऐसी व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि दुनिया के अधिकांश देश वेनेजुएला पर हुए इस हमले से खुद को अलग रखेंगे और इसकी निंदा करेंगे।
इससे पहले रूस के विदेश मंत्रालय ने भी अमेरिकी कार्रवाई को “गंभीर रूप से चिंताजनक” और निंदनीय बताया। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस तरह की कार्रवाइयों को सही ठहराने के लिए दिए गए तर्क टिकाऊ नहीं हैं और वैचारिक शत्रुता ने व्यावहारिक सोच पर जीत हासिल कर ली है।
Venezuela Attack: संवाद से समाधान की अपील
रूस ने जोर दिया कि जिन साझेदार देशों के बीच मतभेद हैं, उन्हें संवाद और कूटनीति के जरिए हल किया जाना चाहिए, ताकि हालात और न बिगड़ें। बयान में कहा गया कि लैटिन अमेरिका को 2014 में घोषित अपने ‘शांति क्षेत्र’ के दर्जे को बनाए रखना चाहिए।
रूस ने यह भी स्पष्ट किया कि वेनेजुएला को अपने भविष्य का निर्धारण बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के स्वयं करने का अधिकार है। साथ ही, उसने वेनेजुएला के लोगों के साथ एकजुटता और देश की संप्रभुता व राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए बोलिवेरियन नेतृत्व के प्रयासों का समर्थन दोहराया।
Venezuela Attack: यूएनएससी की आपात बैठक की मांग
मॉस्को ने वेनेजुएला और कई लैटिन अमेरिकी देशों द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग का भी समर्थन किया है।