वेनेजुएला को लेकर अमेरिका ने चौंकाने वाले दावे किए हैं। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, वेनेजुएला की सेना अमेरिकी सैन्य शक्ति के सामने टिक नहीं पाई और ऑपरेशन के बाद देश पर प्रभावी नियंत्रण अमेरिका ने अपने हाथ में ले लिया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब तक वहां की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक वेनेजुएला की जिम्मेदारी अमेरिका संभालेगा।
ट्रंप की टिप्पणी: अमेरिकी सेना की ताकत का प्रदर्शन
डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई को अमेरिकी साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति का उदाहरण बताया। उन्होंने सेना की तारीफ करते हुए कहा कि इस स्तर का सैन्य साहस और रणनीतिक क्षमता दुनिया का कोई अन्य देश नहीं दिखा सकता। ट्रंप के अनुसार, यह ऑपरेशन वैश्विक स्तर पर अमेरिका के प्रभाव को दर्शाता है।
ऑपरेशन में 150 विमानों के इस्तेमाल का दावा
अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने बताया कि राष्ट्रपति मादुरो को पकड़ने से जुड़े इस सैन्य अभियान में करीब 150 विमानों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्रवाई में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और आगे की रणनीति पर काम जारी है।
डेल्टा फोर्स की कार्रवाई: काराकास से गिरफ्तारी
अमेरिकी सेना की विशेष इकाई डेल्टा फोर्स द्वारा वेनेजुएला की राजधानी काराकास से राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने का दावा किया गया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब अमेरिका की ओर से वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप किया गया।
सीएनएन सूत्रों का दावा: बेडरूम से निकाले गए मादुरो
अमेरिकी समाचार चैनल सीएनएन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके बेडरूम से बाहर निकाला गया। बताया गया कि यह दंपति काराकास स्थित फोर्ट टियूना सैन्य परिसर के एक अत्यंत सुरक्षित आवास में मौजूद था, जहां अमेरिकी विशेष बलों ने अचानक कार्रवाई की।
अमेरिका का संदेश: दबाव में नहीं झुकेगा वॉशिंगटन
ट्रंप ने कहा कि यह ऑपरेशन इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अमेरिका किसी भी अंतरराष्ट्रीय या राजनीतिक दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। उनके अनुसार, यह कदम अमेरिका की वैश्विक नीति और शक्ति संतुलन को मजबूत करता है।