मुख्यमंत्री को क्रांतिकारी वीरों की जानकारी का अभाव : खोसला

Delhi News: नेशनल पैंथर्स पार्टी दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष राजीव जोली खोसला ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के एक बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने भगत सिंह से जुड़ा एक ऐतिहासिक तथ्य गलत तरीके से प्रस्तुत किया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

खोसला ने कहा कि 8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने अंग्रेजी हुकूमत की आंखें खोलने के लिए सेंट्रल असेंबली (नेशनल असेंबली) में बम फेंका था, न कि दिल्ली की किसी कांग्रेस सरकार के विरोध में। इसके बाद दोनों क्रांतिकारियों को रायसीना हिल पुलिस स्टेशन, जो आज सांसद मार्ग थाना है, में हिरासत में लिया गया था। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक घटना को लेकर वे स्वयं कई कार्यक्रमों का आयोजन कर चुके हैं।

राजीव जोली खोसला ने मुख्यमंत्री (Delhi News) के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें गरम दल के क्रांतिकारी वीरों के इतिहास की समुचित जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री के मुख से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जगह “नेताजी सुभाष पैलेस” जैसे शब्द निकल चुके हैं, जो उनकी ऐतिहासिक समझ पर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि भारत की राजधानी की मुख्यमंत्री को कोई भी बयान देने से पहले अपने सलाहकारों से तथ्यात्मक जानकारी अवश्य लेनी चाहिए, क्योंकि राजनीतिक दल अक्सर अपने स्वार्थ के लिए क्रांतिकारी वीरों के नामों का दुरुपयोग करते हैं। खोसला ने पूर्व में दिल्ली (Delhi News) के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के एक बयान का भी जिक्र किया और कहा कि भगत सिंह का नाम राजनीतिक सहानुभूति पाने के लिए इस्तेमाल किया गया।

खोसला ने स्पष्ट किया कि भगत सिंह जब-जब जेल गए, वह देश को आज़ाद कराने के लिए गया, न कि किसी जनप्रतिनिधि की तरह घोटालों के आरोप में। उन्होंने मांग की कि दिल्ली की मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शीघ्र इस्तीफा देना चाहिए और इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी संज्ञान लेना चाहिए।

उन्होंने अपने बयान का समापन “जय हिंद, जय भारत” के नारे के साथ किया।

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