KC Tyagi: समाजवादी विचारधारा के वरिष्ठ नेता किशन चंद त्यागी, जिन्हें राजनीति के गलियारों में केसी त्यागी (K.C. Tyagi) के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वजह है जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से उनके बाहर किए जाने की खबरें, जो आज सामने आईं। हालांकि पार्टी की ओर से औपचारिक बयान का इंतजार है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
गाजियाबाद जिले के मोरटा गांव के मूल निवासी केसी त्यागी का राजनीतिक सफर दशकों पुराना और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने राजनीति की शुरुआती शिक्षा स्कूल के दिनों से ही ले ली थी। कॉलेज जीवन में छात्र राजनीति से जुड़े केसी त्यागी ने 1974 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा और युवा जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए।
KC Tyagi: समाजवाद की मजबूत नींव
केसी त्यागी ने अटल बिहारी वाजपेयी और शरद यादव जैसे नेताओं के साथ काम किया, लेकिन उनकी वैचारिक पहचान समाजवाद के साथ और मजबूत होती गई। वे पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को अपना राजनीतिक पिता मानते हैं। उनके सान्निध्य में रहकर उन्होंने गांव, किसान और गरीब की राजनीति को गहराई से समझा। लंबे समय तक वे चौधरी चरण सिंह के मीडिया सलाहकार भी रहे।
चुनावी राजनीति में संघर्ष और सफलता
केसी त्यागी ने 1984 में हापुड़-गाजियाबाद लोकसभा सीट से रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन केएन सिंह से हार का सामना करना पड़ा। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद बनी सहानुभूति लहर का लाभ उनके प्रतिद्वंदी को मिला। हालांकि, 1989 में उन्होंने दोबारा किस्मत आजमाई और सांसद चुने गए, जिसके बाद उनकी समाजवादी पहचान और मजबूत हुई।
KC Tyagi: हर दौर में सक्रिय भूमिका
कर्पूरी ठाकुर से लेकर नीतीश कुमार तक, केसी त्यागी भारतीय राजनीति के कई अहम दौरों के साक्षी रहे। उन्होंने वी.पी. सिंह, चंद्रशेखर, देवीलाल, शरद यादव, मुलायम सिंह यादव और जॉर्ज फर्नांडिस जैसे नेताओं के साथ काम किया।
आपातकाल के दौरान वे करीब 18 महीने जेल में भी रहे। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी जॉइन की और राष्ट्रीय महासचिव बने।
2002 में उन्होंने मेरठ से चुनाव लड़ा, लेकिन हार मिली। 2013 में वे बिहार से राज्यसभा सांसद बने और बाद में गन्ना निगम के चेयरमैन, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता तथा बिहार के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार भी रहे।
KC Tyagi: मुखर वक्ता की पहचान
केसी त्यागी को एक बेहद मुखर और बेबाक नेता के रूप में जाना जाता है। स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर वे खुलकर अपनी राय रखते रहे हैं। हाल के दिनों में उनके बयानों को लेकर विवाद भी हुए, जिनके चलते अब जदयू से दूरी की खबरें सामने आ रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केसी त्यागी का यह अध्याय भले ही जदयू में समाप्त हो रहा हो, लेकिन समाजवादी राजनीति में उनकी भूमिका और योगदान को नकारा नहीं जा सकता।