Bihar Politics: बिहार में मकर संक्रांति के मौके पर होने वाले पारंपरिक चूड़ा-दही भोज को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस साल सबकी नजर जनशक्ति जनता दल के नेता और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव द्वारा 14 जनवरी को आयोजित किए जा रहे चूड़ा-दही भोज पर टिकी हुई है। इस आयोजन को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
मंगलवार को तेज प्रताप यादव पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव और माता राबड़ी देवी से मुलाकात (Bihar Politics) कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव से भी मुलाकात की और उन्हें 14 जनवरी को आयोजित चूड़ा-दही भोज में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

तेज प्रताप यादव ने इस मुलाकात (Bihar Politics) की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की। उन्होंने तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले “ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज” के लिए उन्होंने अपने परिवारजनों को आमंत्रित किया है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी भतीजी कात्यायनी को गोद में खिलाने का भावुक क्षण भी साझा किया। कात्यायनी उप मुख्यमंत्री रह चुके तेजस्वी यादव की पुत्री हैं।
इससे पहले तेज प्रताप यादव मंगलवार को उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा आयोजित चूड़ा-दही भोज में भी शामिल हुए थे। उल्लेखनीय है कि 14 जनवरी को होने वाले अपने आयोजन के लिए तेज प्रताप यादव ने बिहार सरकार के कई मंत्रियों और एनडीए के अनेक नेताओं को भी निमंत्रण भेजा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस भोज में किस दल के कौन-कौन से नेता शिरकत करते हैं।

गौरतलब है कि पहले लालू प्रसाद यादव हर साल मकर संक्रांति पर चूड़ा-दही भोज का आयोजन करते रहे हैं। भले ही तेज प्रताप यादव को राजद और लालू परिवार से निष्कासित किया जा चुका हो, लेकिन वे अपने पिता की इस राजनीतिक-सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए गंभीर नजर आ रहे हैं। बिहार की राजनीति में यह भी चर्चा है कि तेज प्रताप यादव इस भोज के जरिए नए राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश कर सकते हैं।