IED Blast: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के पंजगुर जिले में सोमवार को हुए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य घायल हो गए। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, घायलों में से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है।
पंजगुर के असिस्टेंट कमिश्नर आमिर जान ने बताया कि विस्फोटक को एक मोटरसाइकिल में लगाया गया था। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन के अनुसार, इस हमले का संभावित निशाना फ्रंटियर कोर (FC) का वाहन था, हालांकि वाहन सुरक्षित निकल गया और सभी सुरक्षाकर्मी पूरी तरह सुरक्षित हैं।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जिस मोटरसाइकिल में आईईडी लगाया गया था, उसे मुख्य बाजार क्षेत्र में एक ठेले के पास खड़ा किया गया था। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि धमाका रिमोट कंट्रोल के जरिए किया गया प्रतीत होता है। घटना के बाद इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।
IED Blast: लगातार हो रहे हमले
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब पाकिस्तान के सीमावर्ती प्रांतों, खासकर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को निशाना बनाकर हमलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
इससे पहले सोमवार को ही खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवात जिले में एक सीमेंट फैक्ट्री के वाहन को निशाना बनाकर किए गए आईईडी धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह विस्फोट बेगुखेल रोड पर नवरखेल मोड़ के पास हुआ। मृतक की पहचान फरीदुल्लाह के रूप में हुई है। घायलों में मीर अहमद, अब्दुल मलिक, उमर खान, मसाल खान और सैयद जान शामिल हैं। सभी घायलों को रेस्क्यू 1122 की टीमों ने लक्की सिटी अस्पताल में भर्ती कराया।
IED Blast: रविवार हो हुआ था धमाका
रविवार को लक्की मरवात के सराय नौरंग इलाके में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात हमलावरों ने ट्रैफिक पुलिस कर्मियों पर फायरिंग कर दी थी, जिसमें तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज जलाल खान, कांस्टेबल अजीजुल्लाह और कांस्टेबल अब्दुल्लाह के रूप में हुई है। हमलावर घटना के बाद फरार हो गए।
एक अन्य घटना में बन्नू के मंडन इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों ने एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, कांस्टेबल राशिद खान को उस वक्त निशाना बनाया गया, जब वह ड्यूटी के लिए अपने घर से मंडन पुलिस स्टेशन जा रहे थे।
इस बीच, पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने वर्ष 2025 के दौरान खैबर पख्तूनख्वा में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है। आयोग ने इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज के हवाले से बताया कि जुलाई 2025 में देशभर में कम से कम 82 उग्रवादी हमले हुए, जिनमें से करीब दो-तिहाई खैबर पख्तूनख्वा और उसके पूर्ववर्ती कबायली जिलों में दर्ज किए गए। वहीं सितंबर 2025 में प्रांत में 45 आतंकी हमलों में 54 लोगों की मौत और 49 लोग घायल हुए।