Bangladesh: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने कहा है कि पाकिस्तान के खिलाफ 1971 के मुक्ति संग्राम में ही Bangladesh के अस्तित्व की जड़ें निहित हैं और इसके बिना देश की कल्पना नहीं की जा सकती। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने यह बयान बीएनपी अध्यक्ष कार्यालय, ढाका में वामपंथी दलों के गठबंधन डेमोक्रेटिक यूनाइटेड फ्रंट (डीयूएफ) के नेताओं के साथ बैठक के दौरान दिया।
सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के हवाले से तारिक रहमान ने कहा,
“मुक्ति संग्राम एक राज्य के रूप में बांग्लादेश और उसकी राजनीति की नींव है। 1971 के बिना देश के अस्तित्व की कल्पना नहीं की जा सकती।”
उन्होंने हालिया जनउभार के बाद उभरी नई राजनीतिक परिस्थितियों और संभावनाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और विपक्ष सहित सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना होगा।
लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता पर जोर
तारिक रहमान ने मौजूदा राजनीतिक अवसर को लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता के जरिए ही देश में स्थिरता और प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है।
बैठक के दौरान डीयूएफ नेताओं ने 30 दिसंबर को बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और कानून-व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। वामपंथी दलों के नेताओं ने बताया कि तारिक रहमान ने देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई।
निष्पक्ष चुनाव की अपील
इस बीच, तारिक रहमान ने निष्पक्ष, स्वतंत्र और विश्वसनीय राष्ट्रीय चुनाव के महत्व पर जोर देते हुए सभी राजनीतिक ताकतों से एकजुट रहने की अपील की।
बैठक के बाद Bangladesh समाजतांत्रिक दल (बीएसडी) के महासचिव बाजलुर राशिद फिरोज ने कहा,
“तारिक रहमान ने हमें बताया कि 25 दिसंबर को देश लौटने के बाद उन्होंने अपने भाषणों में स्पष्ट किया है कि मुक्ति संग्राम ही हमारी नींव है। इसके बिना बांग्लादेश का अस्तित्व संभव नहीं।”
17 साल बाद स्वदेश वापसी
गौरतलब है कि 17 वर्षों के स्व-निर्वासन के बाद तारिक रहमान 25 दिसंबर को बांग्लादेश लौटे। वह अपनी पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जैमा रहमान के साथ बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की उड़ान से ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे।
उनकी वापसी ऐसे समय हुई है जब Bangladesh चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि देश का 13वां राष्ट्रीय संसदीय चुनाव और जुलाई चार्टर पर जनमत संग्रह अगले वर्ष 12 फरवरी को आयोजित किया जाएगा।
फरवरी 2026 चुनाव अहम परीक्षा
विश्लेषकों का मानना है कि फरवरी 2026 के चुनावों में तारिक रहमान की वापसी और संभावित भागीदारी, मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी। इस दौरान सरकार पर निष्पक्ष, स्वतंत्र और विश्वसनीय चुनाव कराने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।