बिहार विधानसभा के बजट सत्र का प्रश्नकाल राष्ट्रव्यापी चिंताओं पर केंद्रित, स्क्रीन टाइम से EWS तक उठे सवाल

Bihar: सदन में बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम, सेवानिवृत्त कर्मियों के कैशलेस इलाज, आशा कार्यकर्ताओं की सुविधाओं, किसानों की समस्याओं और EWS आरक्षण जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा हुई।

 

प्रश्नकाल के दौरान विधायकों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बच्चों के मोबाइल स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने के लिए सरकार की नीति पर सवाल उठाया। सरकार की ओर से जवाब देते हुए बताया गया कि इस दिशा में नीति तैयार की जा रही है।

 

Bihar: आलू बीज का भंडारण

 

महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से जुड़े सवाल भी चर्चा में रहे। आशा कार्यकर्ताओं के लिए विश्राम कक्ष की व्यवस्था की मांग उठाई गई। वहीं, असर्वेक्षित जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में देरी और किसानों को सस्ती दर पर बीज उपलब्ध कराने से जुड़े प्रश्न भी सामने आए।

 

विधायकों ने बताया कि Bihar State Seed Corporation द्वारा कोल्ड स्टोरेज में आलू बीज के भंडारण को बंद किए जाने से किसानों को कठिनाई हो रही है।

 

मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना

 

नगर निकाय क्षेत्रों में मियावाकी तकनीक से हरित आवरण बढ़ाने, कचरे के पहाड़ की समस्या और ऊंचे विद्युत तारों से उत्पन्न खतरे जैसे मुद्दे भी सदन में उठे। EWS श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए अन्य आरक्षित वर्गों की तरह पांच अंक का ग्रेस और आयु सीमा में छूट देने की मांग भी कई दिनों तक चर्चा में रही।

 

प्रश्नकाल के दौरान कुछ अवसर ऐसे भी आए जब पक्ष और विपक्ष एकमत दिखाई दिए। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की राशि बढ़ाने का मुद्दा ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया गया, जिस पर सभी दलों ने एकजुटता दिखाई।

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