Nitish kumar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड, पटना के शताब्दी समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने बोर्ड द्वारा प्रकाशित स्मारिका का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, शिक्षक व छात्र उपस्थित थे।
Nitish kumar: मुस्लिम समुदाय के हित में कई पहलें
मुख्यमंत्री ने कहा कि नयी सरकार बनने के बाद से मुस्लिम समाज के विकास और उत्थान को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएँ चलाई गई हैं। वर्ष 1989 के भागलपुर दंगे से प्रभावित परिवारों को पेंशन की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा, पति द्वारा छोड़ी गई परित्यक्ता एवं तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को भी राज्य सरकार सहायता प्रदान कर रही है।
Nitish kumar: आर्थिक सहायता 10 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपये
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2007 से तलाकशुदा और परित्यक्ता मुस्लिम महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही थी। अब इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
Nitish kumar: शिक्षा और स्वरोजगार पर विशेष जोर
नीतीश कुमार ने कहा कि मुस्लिम छात्र-छात्राओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा कई योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004-05 में विभाग का बजट मात्र 3 करोड़ 54 लाख रुपये था, जो अब बढ़कर 1080 करोड़ रुपये हो गया है। यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार शिक्षा और कल्याण के क्षेत्र में गंभीर है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय के युवक-युवतियों को स्वरोजगार प्रारंभ करने हेतु सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है। इसके माध्यम से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समाज की भलाई के लिए लगातार कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में उठाए गए कदम आने वाले समय में और मजबूत होंगे।