Venezuela Attack: सीपीआई(एम) नेतृत्व और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने वेनेजुएला पर किए गए अमेरिकी हवाई हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे “साम्राज्यवादी सैन्य आक्रमण” करार दिया है। उन्होंने इस कार्रवाई के खिलाफ वैश्विक स्तर पर विरोध की अपील की और केंद्र सरकार से स्पष्ट सार्वजनिक रुख अपनाने की मांग की है।
वेनेजुएला में रणनीतिक और नागरिक ठिकानों पर अमेरिकी हमलों की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने अमेरिका पर “दुष्ट राष्ट्र” की तरह व्यवहार करने और ग्लोबल साउथ के देशों के खिलाफ खुली शत्रुता दिखाने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि वेनेजुएला पर की गई बमबारी आतंकवादी कृत्य के समान है और इससे पूरे लैटिन अमेरिका में शांति को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि लैटिन अमेरिका पहले से ही साम्राज्यवादी हस्तक्षेपों के खिलाफ संघर्ष के इतिहास से जुड़ा रहा है और इस तरह की सैन्य कार्रवाइयाँ वैश्विक शांति को कमजोर करती हैं। उन्होंने दुनिया भर की प्रगतिशील और लोकतांत्रिक ताकतों से ऐसे कदमों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।
सीपीआई(एम) के महासचिव एम.ए. बेबी ने भी अमेरिकी कार्रवाई को “चौंकाने वाली और पीड़ादायक” बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर भारत के मित्र और गुटनिरपेक्ष आंदोलन के सदस्य रहे वेनेजुएला के खिलाफ “नग्न आक्रमण” किया गया है।

बेबी ने यह भी रेखांकित किया कि भारत और वेनेजुएला अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के संस्थापक देशों में शामिल हैं। ऐसे में भारत की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह इस अन्यायपूर्ण सैन्य कार्रवाई की सार्वजनिक रूप से निंदा करे।
इस बीच, सीपीआई(एम) पोलित ब्यूरो ने अलग बयान जारी कर भारतीय जनता से वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराने की अपील की। बयान में आरोप लगाया गया कि कराकस और आसपास के इलाकों में रिहायशी क्षेत्रों को निशाना बनाया गया, जिससे आम नागरिकों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
पोलित ब्यूरो ने कहा कि वेनेजुएला लंबे समय से अमेरिकी विदेश नीति के निशाने पर रहा है और मौजूदा सैन्य टकराव खतरनाक स्तर तक बढ़ चुका है। साथ ही, पार्टी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस दावे पर तत्काल स्पष्टीकरण मांगा, जिसमें उन्होंने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लेने की बात कही थी।
सीपीआई(एम) ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यदि वे जीवित हैं, तो अमेरिका को उनके जीवित होने के ठोस सबूत पेश करने होंगे और उनके ठिकाने की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।”
संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप व्यवहार की मांग करते हुए पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन जारी रहा, तो इसका असर न केवल लैटिन अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया की शांति पर पड़ेगा।