America:अमेरिका और इज़रायल के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ऐसे ड्रोन का इस्तेमाल किया, जिनकी तकनीक काफी हद तक ईरान द्वारा विकसित ड्रोन मॉडलों से मिलती-जुलती बताई जा रही है।
America: Shahed-131 और Shahed-136 ड्रोन
Shahed-131 drone और Shahed-136 drone ऐसे ड्रोन हैं जो ‘लोइटरिंग म्यूनिशन’ श्रेणी में आते हैं। ईरान ने 1980 के दशक से कम लागत वाले आत्मघाती ड्रोन विकसित करने पर काम शुरू किया था।
ये ड्रोन अपने लक्ष्य क्षेत्र के ऊपर लंबे समय तक मंडराते रहते हैं और सही समय आने पर सीधे लक्ष्य पर गिरकर विस्फोट कर देते हैं। साल 2019 में Saudi Arabia की एक तेल रिफाइनरी पर हुए हमले में भी इन ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था।
ड्रोन ने पश्चिमी देशों का ध्यान खींचा
इन ड्रोन का इस्तेमाल Russia–Ukraine War के दौरान भी देखा गया। Volodymyr Zelenskyy ने ईरान पर रूस को ड्रोन और उनकी तकनीक उपलब्ध कराने का आरोप लगाया था।
बताया जाता है कि अमेरिकी सेना ने कुछ Shahed-136 drone ड्रोन हासिल कर उनकी तकनीकी जांच की। इसके बाद रिवर्स इंजीनियरिंग के जरिए समान तकनीक विकसित की गई और उसी तरह के ड्रोन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया गया।
AI आधारित भविष्य
रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि भविष्य में इन ड्रोन का इस्तेमाल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित समन्वित हमलों में भी किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में कई ड्रोन एक टीम की तरह मिलकर रणनीतिक हमले कर सकेंगे।