Iran: ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने की कसम खाते हुए अमेरिका के सहयोगी देशों संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने 4 बैलिस्टिक मिसाइलों और 12 ड्रोन से हमला किया है।
सूत्रों के अनुसार, ईरान का मुख्य निशाना खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे थे। बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए कई जगहों पर हमले किए गए।
Iran: अमेरिकी बेस बने निशाना
ईरान ने दुबई और कतर की राजधानी दोहा के ऊपर धमाके कर अपने पड़ोसियों को यह संदेश देने की कोशिश की कि जो देश अमेरिका का साथ देंगे, उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे।
ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस” के पांचवें चरण में जेबेल अली एंकरज पर अमेरिकी जहाजों के लिए गोला-बारूद ले जा रहे एक जहाज को चार ड्रोन से निशाना बनाया गया। धमाकों के बाद यह जहाज पूरी तरह से बेकार हो गया।
IRGC के दावों के मुताबिक, कुवैत के अब्दुल्ला मुबारक इलाके में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर 4 बैलिस्टिक मिसाइलों और 12 ड्रोन से हमला किया गया, जिसमें भारी नुकसान हुआ है।
ईरान का बयान
ईरान ने कहा कि IRGC की नेवी और एयर फोर्स ने मिलकर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान का दावा है कि हिंद महासागर में अमेरिकी जहाजों के लिए ईंधन ले जा रहे एक जहाज को भी मिसाइलों से निशाना बनाया गया।
ईरान ने दुबई के मशहूर लैंडमार्क पाम जुमैरा और लग्जरी होटल बुर्ज अल अरब पर हमले का भी दावा किया है। इसके अलावा, दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल दुबई एयरपोर्ट को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई है।