keralam: नई दिल्ली स्थित नई पीएमओ बिल्डिंग ‘सेवा तीर्थ’ में हुई केंद्रीय कैबिनेट की पहली बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। माना जा रहा है कि यह निर्णय आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अहम राजनीतिक और सांस्कृतिक संदेश देता है।
विधानसभा ने सर्वसम्मति से भेजा था प्रस्ताव
केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से राज्य का आधिकारिक नाम ‘केरलम’ करने की मांग की थी। इससे पहले अगस्त 2023 में भी इसी तरह का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन गृह मंत्रालय ने कुछ तकनीकी संशोधन सुझाए थे। इसके बाद संशोधित प्रस्ताव दोबारा पारित कर केंद्र को भेजा गया।
keralam: केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी
मंगलवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस संशोधित प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश करते हुए कहा था कि मलयालम भाषा में राज्य को ‘केरलम’ कहा जाता है, इसलिए संविधान की पहली अनुसूची में दर्ज नाम में बदलाव आवश्यक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया था कि यह मांग स्वतंत्रता संग्राम के दौर से उठती रही है।
आगे बढ़ेगी औपचारिक प्रक्रिया
केंद्र की मंजूरी के बाद अब संवैधानिक और विधिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके तहत सभी आधिकारिक भाषाओं में राज्य का नाम ‘केरलम’ किए जाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।