दरभंगा में 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद रविवार को सड़क पर जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस से आरोपी को सौंपने की मांग की। इस दौरान पुलिस और भीड़ के बीच बहस हुई, जो बाद में पत्थरबाजी में बदल गई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
हंगामे के बाद सुंदरपुर बेला दुर्गा मंदिर इलाके में स्थिति सामान्य है और क्षेत्र पुलिस के नियंत्रण में है। शांति बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
दरभंगा : पुलिस बल की कड़ी निगरानी
सुंदरपुर बेला दुर्गा मंदिर के पास पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हुए भारी हड़कंप के बाद स्थिति अब पूरी तरह पुलिस के नियंत्रण में है। घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया। इसके परिणामस्वरूप माहौल शांत हो गया है।
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस बल लगातार निगरानी बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क है। वर्तमान में सभी लोग अपने-अपने घर लौट चुके हैं और इलाके में सामान्य स्थिति बनी हुई है।
230 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
दरभंगा: में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के बाद आक्रोशित भीड़ ने आरोपी को पुलिस से सौंपने की मांग को लेकर हंगामा किया था। इस दौरान पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। मामले में 30 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
विश्वविद्यालय थाना प्रभारी सुधीर कुमार के आवेदन पर FIR दर्ज की गई है। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस जल्द ही गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू करेगी।
कादिराबाद चौक पर भी भारी भीड़ इकट्ठा हो गई थी। सैकड़ों पुरुष, महिलाएं और बच्चे सुंदरपुर बेला दुर्गा मंदिर के पास जमा हो गए थे। लोगों ने बांस लगाकर सड़क जाम कर दी और आगजनी भी की। थाने की पुलिस, ट्रैफिक जवान और दंगा नियंत्रण बल भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे रहे। उपद्रवियों ने कई दुकानों में तोड़फोड़ की, जिसमें कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
तालाब किनारे खेल रही बच्ची के साथ दुष्कर्म
दरभंगा: मामला दरभंगा विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के पटवा पोखर के पास का है। शनिवार की शाम कुछ बच्चियां तालाब किनारे खेल रही थीं। तभी बदमाशों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की। दो बच्चियां किसी तरह भाग निकलीं, लेकिन 6 साल की मासूम बच्ची को आरोपी ने पकड़ लिया और अपने साथ ले गया।
बच्ची देर शाम से लापता थी। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। जब काफी देर तक बच्ची नहीं मिली, तो खोजबीन तेज कर दी गई। इसी दौरान आवारा कुत्तों के भौंकने से परिजनों को शक हुआ। वे उस दिशा में दौड़े तो देखा कि तालाब किनारे दीवार के उस पार बच्ची अचेत अवस्था में खून से सनी पड़ी थी और उसकी मौत हो चुकी थी।
परिजनों ने शोर मचाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।