Rajnath Singh: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। चाहे अमेरिका-इजरायल हों या ईरान, कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मिडिल ईस्ट में जारी इस तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस तनातनी के बीच हालात किस दिशा में जाएंगे, यह कहना अभी कठिन है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान मिडिल ईस्ट में जारी तनाव पर चिंता जताई। उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल-गैस की सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और अब मुकाबला अंतरिक्ष तक फैल रहा है, जो भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती है।
Rajnath Singh: तेल और गैस की सप्लाई पर असर
रक्षा मंत्री ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य और पूरा फारस की खाड़ी का इलाका वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जब इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की बाधा आती है, तो इसका सीधा असर तेल और गैस की सप्लाई पर पड़ता है। इससे अनिश्चितताएं बढ़ती हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी प्रभाव पड़ता है।
जमीन, हवा, समुद्र और अब अंतरिक्ष में भी मुकाबला
राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्तमान स्थिति काफी जटिल हो गई है। अलग-अलग देश जमीन, हवा और समुद्र के साथ-साथ अब अंतरिक्ष में भी एक-दूसरे से मुकाबला कर रहे हैं। यह वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है और भविष्य में यह चुनौती और भी कठिन हो सकती है।