America: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने हाल में हुए संबोधन में दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित बड़े सैन्य टकराव को रोकने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने दखल नहीं दिया होता, तो दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध छिड़ सकता था।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि भारत के तथाकथित ऑपरेशन सिंदूर को रुकवाने के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की जान बचाई। उनके अनुसार, शरीफ ने उनसे कहा कि अगर यह ऑपरेशन नहीं रुकता तो पाकिस्तान में करोड़ों लोगों की जान जा सकती थी।
उन्होंने यह भी दोहराया कि पिछली गर्मियों में उन्होंने भारत और पाकिस्तान पर 200% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी, यदि दोनों देशों ने संघर्ष नहीं रोका। ट्रंप इससे पहले भी कई बार सार्वजनिक मंचों से यह दावा कर चुके हैं कि उनकी मध्यस्थता से दोनों परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसियों के बीच युद्ध टला।
अपने भाषण में ट्रंप ने अमेरिकी चुनाव व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने “सेव अमेरिका एक्ट को मंजूरी देने की अपील करते हुए कहा कि गैर-कानूनी प्रवासियों और बिना अनुमति वाले लोगों को अमेरिकी चुनावों में मतदान से रोका जाना चाहिए।
मतदाता पहचान पत्र और नागरिकता के प्रमाण को अनिवार्य बनाने की वकालत की, साथ ही मेल-इन बैलेट प्रणाली पर भी सवाल उठाए।
इसके अलावा, ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स के एक हालिया फैसले को “बहुत बुरा निर्णय” बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि कई देश और कॉर्पोरेशन पहले से तय समझौतों को बनाए रखना चाहते हैं और उनके पास राष्ट्रपति के रूप में पर्याप्त कानूनी शक्तियां मौजूद हैं।
ट्रंप के इन दावों और बयानों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अमेरिकी घरेलू राजनीति दोनों में नई बहस को जन्म दे दिया है।