Iran: ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका और इजरायल के साथ लंबे समय तक चलने वाले संभावित युद्ध के लिए एक खास रणनीति तैयार की है, जिसे ‘मोजेक डिफेंस सिस्टम’ कहा जाता है।
इस रणनीति की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें युद्ध की कमान पूरी तरह किसी एक केंद्र पर निर्भर नहीं रहती। यानी अगर शीर्ष नेता या मुख्य कमांडर मारे भी जाएं, तब भी लड़ाई जारी रह सकती है।
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि पिछले दो दशकों में अमेरिका द्वारा लड़े गए युद्धों का गहराई से अध्ययन करने के बाद ऐसी रक्षा प्रणाली विकसित की गई है, जो बिना केंद्रीकृत कमान के भी प्रभावी ढंग से काम कर सकती है।
Iran: कमांडर मोहम्मद अली जाफरी
मोजेक डिफेंस सिस्टम का संबंध ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps से है। इस रणनीति को इसके पूर्व कमांडर Mohammad Ali Jafari के नेतृत्व में विकसित किया गया था।
इसका उद्देश्य सेना की ताकत को एक ही कमान के बजाय कई क्षेत्रीय और अर्ध-स्वतंत्र इकाइयों में बांटना है, ताकि दुश्मन के लिए पूरी सैन्य संरचना को एक साथ खत्म करना मुश्किल हो जाए।
रणनीति का आधार
मोजेक डिफेंस सिस्टम दो मुख्य सिद्धांतों पर आधारित है। पहला, दुश्मन के लिए ईरान की कमान प्रणाली को पूरी तरह ध्वस्त करना बेहद मुश्किल बनाना।
दूसरा, युद्ध को केवल पारंपरिक लड़ाई तक सीमित न रखकर उसे लंबे और जटिल संघर्ष में बदल देना। युद्ध की स्थिति में इस प्रणाली के तहत पहले दुश्मन के शुरुआती हमले को झेलने की रणनीति अपनाई जाती है, जिसके बाद अलग-अलग इकाइयाँ अपने स्तर पर जवाबी कार्रवाई जारी रखती हैं।
अली खामेनेई
ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei ने कथित तौर पर यह व्यवस्था बनाई है कि हर महत्वपूर्ण सैन्य और प्रशासनिक पद के लिए कई संभावित उत्तराधिकारी पहले से तय हों।
बताया जाता है कि हर पद के लिए चार-चार उत्तराधिकारी निर्धारित किए गए हैं, ताकि किसी भी बड़े हमले या नेतृत्व के नुकसान के बाद भी सैन्य और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न हो।
कुल मिलाकर, मोजेक डिफेंस सिस्टम का उद्देश्य ईरान की सैन्य संरचना को इस तरह तैयार करना है कि बड़े से बड़े हमले के बाद भी उसकी युद्ध क्षमता बनी रहे और संघर्ष लंबे समय तक जारी रखा जा सके।