India Germany Relations: रूस पर निर्भरता वाले बयान पर भारत का जवाब, विदेश मंत्रालय ने साफ किया रुख

India Germany Relations: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ अपने पहले भारत दौरे पर सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भारतीय नागरिकों के लिए जर्मनी में वीजा-फ्री ट्रांजिट की घोषणा की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय सहयोग को लेकर कई अहम समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।

रूस पर निर्भरता घटाने वाले बयान से विवाद

भारत यात्रा के दौरान जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच घनिष्ठ सुरक्षा सहयोग से भारत की रूस पर निर्भरता कम हो सकती है। उनके इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।

भारत ने बयान पर क्या कहा?

जर्मन चांसलर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने स्पष्ट किया कि भारत की रक्षा और सुरक्षा नीति पूरी तरह राष्ट्रीय हितों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जर्मनी, भारत को लेकर अपने रक्षा दृष्टिकोण में आए बदलाव की बात कर रहा था।

रक्षा खरीद वैचारिक नहीं: MEA

विदेश सचिव ने कहा, “भारत का रक्षा सामग्री खरीदने का दृष्टिकोण किसी वैचारिक सोच से प्रेरित नहीं है। एक देश से खरीद का दूसरे देश से कोई सीधा संबंध नहीं होता।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि भारत किसी रक्षा प्रणाली का घरेलू उत्पादन नहीं कर रहा है, तो वह वैश्विक स्तर पर सबसे उपयुक्त विकल्प तलाशता है।

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में चांसलर का बयान

सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में फ्रेडरिक मर्ज़ ने कहा कि जर्मनी सुरक्षा मामलों में भारत के साथ नजदीकी सहयोग बढ़ाना चाहता है, ताकि भारत की रूस पर निर्भरता को कम किया जा सके।

पीएम मोदी ने सहयोग को बताया मजबूत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भारत और जर्मनी सुरक्षित, भरोसेमंद और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। आज हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों से हमारे द्विपक्षीय सहयोग को नई गति मिलेगी।”

India Germany Relations: कई अहम क्षेत्रों में हुए समझौते

जर्मन चांसलर की इस पहली भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण खनिजों, स्वास्थ्य क्षेत्र, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इनोवेशन सेंटर जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को लेकर कई MoUs पर हस्ताक्षर किए गए।

आतंकवाद पर भारत-जर्मनी का साझा रुख

India Germany Relations: भारत और जर्मनी ने आतंकवाद के खिलाफ एक साझा बयान जारी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने सीमा पार आतंकवाद सहित आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की।

अंतरराष्ट्रीय प्रयासों पर दिया जोर

India Germany Relations: दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आतंकवाद से व्यापक और सतत तरीके से निपटने के लिए समन्वित वैश्विक प्रयासों का आह्वान किया।

India Germany Relations: पहलगाम और दिल्ली आतंकी हमलों की निंदा

भारत और जर्मनी ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और 10 नवंबर 2025 को दिल्ली में हुई आतंकी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की।

आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई की अपील

दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति में सूचीबद्ध आतंकवादी संगठनों और व्यक्तियों के खिलाफ सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही सभी देशों से आतंकवादी सुरक्षित ठिकानों, बुनियादी ढांचे और फंडिंग नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में काम जारी रखने का आह्वान किया।

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