Darbhanga News: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) में शैक्षणिक विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। आने वाला समय मिथिला विश्वविद्यालय का होगा और इसके सर्वांगीण विकास के दरवाजे चारों दिशाओं में खुलेंगे। यह बातें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने शनिवार को कही।
वे विद्यापति सेवा संस्थान के तत्वावधान में उनके तीन वर्षीय कार्यकाल का सफलतम दूसरा वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों पर रहेगा विशेष फोकस
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय (Darbhanga News) की कार्य-संस्कृति में अपेक्षित सुधार के बाद उनकी प्राथमिकता पारंपरिक शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ छात्रों को समय की मांग के अनुरूप रोजगारोन्मुखी एवं गैर-पारंपरिक पाठ्यक्रमों के विकल्प उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय फोरेंसिक साइंस जैसे कौशल विकास आधारित कई रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इन पाठ्यक्रमों के प्रारंभ होने से छात्रों को बेहतर कैरियर विकल्प मिलेंगे और मिथिला विश्वविद्यालय पूर्वी जोन का ऐसा पहला विश्वविद्यालय होगा, जहां इस तरह की पढ़ाई उपलब्ध होगी।
Darbhanga News: शिक्षकों के योगदान की सराहना
अपने संबोधन में कुलपति ने महाविद्यालयों के शिक्षकों के प्रति विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने डॉ. बैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’ की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे निःस्वार्थ लोग विश्वविद्यालय की मूल पूंजी हैं।
समारोह की अध्यक्षता प्रो. संजीव कुमार मिश्र ने की
स्थानीय एमएलएसएम कॉलेज के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सी. एम. साइंस कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. संजीव कुमार मिश्र ने की।
स्वागत संबोधन: डॉ. बैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’
स्वागत भाषण में विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ. बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने कहा कि कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी के उपलब्धिपूर्ण दो वर्षों के कार्यकाल के लिए किया गया यह अभिनंदन विश्वविद्यालय के विकास को और गति देगा।
उन्होंने कहा कि कुलपति के कार्यकाल में विश्वविद्यालय का सतत विकास हुआ है, जिससे मिथिला के आम और खास सभी लोग प्रसन्न हैं। उनकी गुणवत्तापूर्ण प्रशासनिक एवं शैक्षणिक तत्परता से आम मिथिलावासियों में उत्साह और उमंग का अभूतपूर्व संचार हुआ है।
कुशल प्रशासक एवं अनुशासक: डॉ. हरि नारायण सिंह
सिंडिकेट के वरिष्ठ सदस्य डॉ. हरि नारायण सिंह ने कुलपति को कुशल प्रशासक एवं प्रभावशाली अनुशासक बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने तीन वर्षीय कार्यकाल के पहले दो वर्षों में अपनी दूरदर्शिता को सिद्ध कर दिखाया है। सबको साथ लेकर चलने की उनकी मंशा प्रशंसनीय है।

‘सर्वजन हिताय’ की भावना सराहनीय: पं. कमला कांत झा
मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पं. कमला कांत झा ने कुलपति की कार्यशैली की चर्चा करते हुए कहा कि ‘सर्वजन हिताय’ की उनकी भावना न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि इससे विश्वविद्यालय का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है।
अभिनंदन कार्यों की स्वीकारोक्ति: डॉ. कुमार मनीष
उप कुलसचिव द्वितीय डॉ. कुमार मनीष ने कहा कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों द्वारा किया गया यह भव्य अभिनंदन कुलपति द्वारा अब तक किए गए कार्यों की सार्वजनिक स्वीकारोक्ति है।
जनसमर्थन का जीवंत प्रमाण: डॉ. शंभु कुमार यादव
एमएलएसएम कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. शंभु कुमार यादव ने कुलपति का अभिनंदन करते हुए कहा कि समारोह में लोगों की स्वतःस्फूर्त और जीवंत उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय से जुड़ी उम्मीदें पूरी हो रही हैं।
Darbhanga News: अध्यक्षीय संबोधन
अध्यक्षीय भाषण में प्रो. संजीव कुमार मिश्र ने कहा कि कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में कार्य-संस्कृति को सकारात्मक और ऊर्जावान बनाने की दिशा में जो सक्रियता दिख रही है, वह अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अन्य वक्ता एवं धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम में एम. के. कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मो. रहमतुल्लाह, सीनेट सदस्य डॉ. रासुभग चौधरी, अंजीत चौधरी, सिनेटर सह शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ के प्रक्षेत्रीय मंत्री विनय कुमार झा, वरिष्ठ शिक्षक कन्हैयाजी, समाजसेवी रंगनाथ ठाकुर, छात्र नेता उत्सव पराशर सहित कई गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. बुचरू पासवान ने किया।