America: हाल ही में Supreme Court of the United States ने Donald Trump द्वारा लगाए गए कुछ टैरिफ (आयात शुल्क) को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया। इसके बावजूद ट्रंप ने अपनी ट्रेड पॉलिसी का बचाव किया। उनका कहना है कि टैरिफ अमेरिका को आर्थिक रूप से मजबूत बना रहे हैं और दूसरे देशों को अमेरिका की कीमत पर फायदा उठाने से रोक रहे हैं।
ट्रंप ने इसे अमेरिका के “गोल्डन एज” की शुरुआत बताया और दावा किया कि टैरिफ से इतनी आय हो सकती है कि नागरिकों को इनकम टैक्स से राहत दी जा सके।
America: नागरिकों की आय पर टैक्स लगाने की जरूरत नहीं ट्रंप का दावा
ट्रंप अमेरिका को उस दौर में वापस ले जाने की बात करते हैं जब वहां संघीय आयकर नहीं था। 913 से पहले United States सरकार की आमदनी का बड़ा हिस्सा आयातित वस्तुओं पर लगाए गए टैरिफ से आता था।
उनका तर्क है कि यदि विदेशी सामानों पर भारी शुल्क लगाया जाए, तो सरकार को नागरिकों की आय पर टैक्स लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
हालांकि, आज की स्थिति 19वीं सदी जैसी नहीं है।
क्या आज भी अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है?
आज अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। रक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और कल्याणकारी योजनाओं पर भारी खर्च होता है 2023–24 में अमेरिकी संघीय सरकार का कुल राजस्व लगभग 4.5 से 4.9 ट्रिलियन डॉलर रहा। इसमें से लगभग 2.2 से 2.5 ट्रिलियन डॉलर केवल इनकम टैक्स से आया।
अगर इनकम टैक्स पूरी तरह खत्म कर दिया जाए, तो सरकार को हर साल करीब 2.5 ट्रिलियन डॉलर की भरपाई करनी होगी।
क्या टैरिफ से पूरी होगी इतनी बड़ी कमी?
अमेरिका हर साल लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर का सामान आयात करता है।10% टैरिफ लगाने पर सैद्धांतिक रूप से लगभग 300 अरब डॉलर मिल सकते हैं। 20% टैरिफ से करीब 600 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं।
यह रकम इनकम टैक्स से मिलने वाले 2.5 ट्रिलियन डॉलर की तुलना में बहुत कम है। इसके अलावा, ऊंचे टैरिफ से आयात घट सकता है कंपनियों की लागत बढ़ सकती है महंगाई बढ़ सकती है बेरोजगारी और आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ सकता है