Bihar: बिहार की राजनीति में करीब 12 साल बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर दिलचस्प मुकाबला बन गया है। इस बार चुनाव निर्विरोध होने के बजाय मतदान की नौबत आ गई है।
राज्य की पांच राज्यसभा सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं और 16 मार्च को मतदान होना है। इस मुकाबले ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
Bihar: पांचवीं सीट पर सस्पेंस
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के पांच और बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक का वोट इस चुनाव में निर्णायक माना जा रहा है। यदि क्रॉस वोटिंग होती है तो पांचवीं सीट का समीकरण पूरी तरह बदल सकता है।
चार सीटों के बाद एनडीए के पास करीब 38 वोट अतिरिक्त रहेंगे, जबकि राष्ट्रीय जनता दल के पास करीब 35 वोट हैं। ऐसे में छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका काफी अहम हो सकती है। लेकिन पांचवीं सीट को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
चुनाव के छह उम्मीदवार
इस बार पांच सीटों के लिए कुल छह उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। जनता दल (यू) ने केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर समेत अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी की ओर से नितिन नबीन और शिवेश राम मैदान में हैं।
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल ने अमरेंद्र धारी सिंह को उम्मीदवार बनाया है। संख्याबल को देखते हुए राजद ने सिर्फ एक उम्मीदवार उतारा है।
जेल में बंद अनंत सिंह को वोट डालने की अनुमति मिल गई है। अनंत सिंह, जो बेउर जेल में न्यायिक हिरासत में हैं, उन्हें इसके बावजूद मतदान करने की अनुमति दी गई है।
पटना की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने उन्हें 16 मार्च को विधानसभा जाकर वोट डालने की इजाजत दी है। वे फिलहाल मोकामा के विधायक हैं और दुलारचंद हत्याकांड में न्यायिक हिरासत में हैं।