Earthquake: दिल्ली एनसीआर समेत कई राज्यों में शुक्रवार देर भूकंप (Earthquake) के तेज झटके महसूस किए गए। झटकों के कारण लोगों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। भूकंप की तीव्रता 5.9 रही।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, झटके (Earthquake) कुछ सेकंड तक महसूस हुए, लेकिन उनकी तीव्रता इतनी थी कि घरों में रहने वाले लोग घबराकर तुरंत नीचे आ गए। नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम सहित एनसीआर के कई इलाकों से झटके महसूस होने की खबरें सामने आईं।
भूकंप के झटके दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए। हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
जम्मू-कश्मीर, राजधानी नई दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए।
बताया जा रहा है कि अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके असर से उत्तर भारत के कई इलाकों में जमीन हिलती महसूस हुई।
जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र 71.01 डिग्री पूर्वी देशांतर और 36.52 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर स्थित था, जबकि इसकी गहराई 175 किलोमीटर दर्ज की गई।
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में भी झटके महसूस किए गए, जिससे कुछ समय के लिए लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, अभी तक किसी तरह के नुकसान या जनहानि की कोई खबर नहीं है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
इससे पहले शाम 8 बजकर 12 मिनट पर तिब्बत में भी 3.2 तीव्रता का हल्का भूकंप दर्ज किया गया था।
भूकंप पृथ्वी की सतह का अचानक हिलना या कांपना है, जो मुख्य रूप से प्लेट टेक्टॉनिक्स के सिद्धांत से जुड़ा होता है। पृथ्वी की बाहरी परत (लिथोस्फीयर) कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों में बंटी हुई है, जो लगातार बहुत धीमी गति (साल में कुछ सेंटीमीटर) से खिसकती रहती हैं।
जब इन प्लेटों के किनारे घर्षण के कारण अटक जाते हैं, तो उनमें तनाव बढ़ने लगता है। जब यह तनाव एक सीमा से ज्यादा हो जाता है, तो चट्टानें अचानक टूटती या खिसकती हैं। इसी दौरान ऊर्जा का तेज़ी से उत्सर्जन होता है, जिससे भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं और पृथ्वी की सतह पर कंपन होता है—इसे ही भूकंप कहा जाता है।