Independence Day: भारत में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अजरबैजान स्थित भारतीय दूतावास में देशभक्ति और उल्लास के साथ समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ बड़ी संख्या में अजरबैजानी नागरिक भी शामिल हुए।
Independence Day: तिरंगा फहराकर हुई शुरुआत
समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत _’वंदे मातरम्’_ की मधुर प्रस्तुति से हुई। इसके बाद अजरबैजान में भारत के राजदूत अभय कुमार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके पश्चात वहां उपस्थित सभी लोगों ने _’जन गण मन’_ गाकर स्वतंत्रता दिवस को गर्व और देशभक्ति के साथ मनाया।
राजदूत अभय कुमार ने याद किए स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान
संबोधन के दौरान राजदूत अभय कुमार ने भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के असाधारण बलिदानों को याद किया। उन्होंने कहा कि आजादी (Independence Day) के बाद भारी चुनौतियों का सामना करने वाला भारत आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक, विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र और ग्लोबल साउथ की अग्रणी आवाज बनकर उभरा है।
विज्ञान, तकनीक और ‘विकसित भारत’ पर जोर
राजदूत ने कहा कि भारत की प्रगति लोकतंत्र, विविधता, संवैधानिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच और समावेशी विकास पर आधारित है। उन्होंने भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए अंतरिक्ष कार्यक्रम और चंद्रयान मिशन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, जैव-प्रौद्योगिकी, फार्मा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हुई प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने _’विकसित भारत’_ के विजन का भी उल्लेख किया – एक समृद्ध, आधुनिक, समावेशी और आत्मविश्वासी भारत।

‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के सिद्धांत पर भारत की विदेश नीति
अभय कुमार ने कहा कि विश्व के साथ भारत की भागीदारी _’वसुधैव कुटुम्बकम’_ यानी ‘विश्व एक परिवार है’ के शाश्वत दर्शन से प्रेरित है। भारत शांति, समृद्धि और सतत विकास के लिए सभी भागीदार देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रपति का संदेश पढ़ा गया, प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र
कार्यक्रम के दौरान राजदूत ने भारत की राष्ट्रपति का स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) संदेश भी पढ़कर सुनाया। इस अवसर पर दूतावास की विभिन्न पहलों में भाग लेने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। _’भारत को जानिए’_ क्विज के विजेताओं और ICCR के सहयोग से आयोजित मधुबनी, वारली, गोंड और फड़ चित्रकला की वर्चुअल कार्यशालाओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए गए।
देशभक्ति गीतों और भारतीय व्यंजनों के साथ समापन
समारोह का समापन गर्मजोशी और उत्सव के माहौल में हुआ। मेहमानों को विशेष रूप से तैयार भारतीय स्नैक्स परोसे गए, जबकि पूरे परिसर में देशभक्ति गीत गूंजते रहे। इस अवसर को भारत की 80 वर्षों की गौरवशाली यात्रा के जश्न और भविष्य में समृद्ध, समावेशी, नवोन्मेषी और आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प के रूप में देखा गया।