Suresh Chavhanke: सुदर्शन न्यूज़ के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य संपादक सुरेश चव्हाणके को दिल्ली उच्च न्यायालय से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने मोहम्मद तुफैल खान की ओर से दायर आपराधिक मानहानि मामले में निचली अदालत की चल रही कार्यवाही पर 28 अक्टूबर 2026 तक रोक लगा दी है।
दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति मधु जैन ने आपराधिक विविध याचिका संख्या 4617/2026 पर सुनवाई करते हुए साकेत कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी द्वारा शिकायत वाद संख्या 2312/2023 में 19 अक्टूबर 2024 को जारी समन आदेश से संबंधित सभी कार्यवाहियों को अंतरिम रूप से स्थगित कर दिया। अदालत ने मामले में प्रतिवादियों को नोटिस भी जारी किया है।
Suresh Chavhanke को मिली राहत
सुनवाई के दौरान सुरेश चव्हाणके की ओर से दलील दी गई कि संबंधित टीवी कार्यक्रम में उनकी भूमिका केवल प्रस्तुतकर्ता और संचालक की थी। याचिका में कहा गया कि उनके खिलाफ आपराधिक दायित्व तय करने के लिए आवश्यक कानूनी आधार और आपराधिक मंशा मौजूद नहीं है।
हाईकोर्ट में समन आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर अंतिम फैसला अभी होना बाकी है। तब तक अदालत ने निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाकर चव्हाणके को अंतरिम संरक्षण प्रदान किया है।
Suresh Chavhanke की ओर से आरोप खारिज
सुरेश चव्हाणके ने कहा कि पत्रकारिता से जुड़े प्रसारणों पर आपराधिक कानून का सहारा लेकर स्वतंत्र मीडिया पर दबाव नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक रिकॉर्ड, अदालतों में लंबित मामलों और सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष उपलब्ध कानूनी दस्तावेजों की पड़ताल करना पत्रकारिता के वैध अधिकार और दायित्व का हिस्सा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी याचिका में लगाए गए आरोप, दर्ज एफआईआर या लंबित मुकदमे किसी व्यक्ति की अंतिम दोषसिद्धि का प्रमाण नहीं होते। जिम्मेदार पत्रकारिता का दायित्व तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखना है।
सुरेश चव्हाणके के अधिवक्ताओं मकरंद डी. अडकर और अमिता सचदेवा ने हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश का स्वागत करते हुए भरोसा जताया कि मामले में उन्हें पूर्ण न्याय मिलेगा। मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है।