नीतीश कुमार: समाजवाद, सेवा और सुशासन का पर्याय

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Nitish Kumar: बिहार के यशस्वी एवं लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 को पटना जिले के बख्तियारपुर में हुआ था। उनके पिता स्व. राम लखन सिंह स्वतंत्रता सेनानी और प्रख्यात गांधीवादी नेता थे, जिनसे उन्हें समाजसेवा और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा मिली।

Nitish Kumar की शिक्षा

नीतीश कुमार ने बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पटना से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। छात्र जीवन से ही वे देश के महान समाजवादी नेताओं—डॉ. राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और वी.पी. सिंह—के सान्निध्य में रहे। इन्हीं की वैचारिक छाप ने नीतीश कुमार को राजनीति की उस राह पर अग्रसर किया, जहां समाजवाद और जनसेवा उनके जीवन का ध्येय बन गए।

Nitish Kumar की राजनीति में एंट्री

1974 से 1977 के दौरान वे जयप्रकाश नारायण के ऐतिहासिक आंदोलन में सक्रिय रूप से जुड़े और सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध हो गए। यही आंदोलन उनके राजनीतिक करियर की नींव साबित हुआ।

1985 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में बिहार विधानसभा में प्रवेश किया। केवल दो वर्ष बाद, 1987 में वे युवा लोकदल के अध्यक्ष बने। इसके बाद 1989 में वे जनता दल इकाई के महासचिव और नौवीं लोकसभा के सदस्य चुने गए। संसद में अपने पहले ही कार्यकाल में उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।

लगातार मेहनत और जनसमर्थन से नीतीश कुमार 1989 से 2004 तक बिहार की बाढ़ लोकसभा सीट से सांसद रहे। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। 2001 से 2004 तक वे केंद्रीय रेल मंत्री रहे और रेल मंत्रालय में कई ऐतिहासिक सुधार किए।

Nitish Kumar नौवीं बार मुख्यमंत्री

बिहार की जनता ने उनके नेतृत्व पर गहरा विश्वास जताया। अब तक वे नौवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। पहली बार उन्होंने मार्च 2000 में यह पद संभाला। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, विधि-व्यवस्था और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य किए। इसी कारण उन्हें सुशासन बाबू की उपाधि मिली।

उनके कुशल नेतृत्व और राजनीतिक शुचिता के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, जिनमें शामिल हैं…

  • फ़ोर्ब्स “इंडियन पर्सन ऑफ द ईयर”
  • जेपी स्मारक पुरस्कार
  • इकोनॉमिक टाइम्स “बिज़नेस रिफॉर्मर ऑफ द ईयर”
  • पोलियो उन्मूलन चैम्पियनशिप अवॉर्ड
  • अणुव्रत सम्मान (शराबबंदी अभियान के लिए)
  • एनडीटीवी “इंडियन ऑफ द ईयर”

आज नीतीश कुमार केवल एक नेता ही नहीं, बल्कि नई सोच, नए लक्ष्यों और नई कार्यप्रणाली के प्रतीक हैं। उन्होंने दिखाया है कि राजनीति जनकल्याण और सुशासन का सबसे सशक्त माध्यम हो सकती है।

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