Nestle Baby Milk: यूरोप के कई देशों में नेस्ले (Nestle) को अपने बच्चों के दूध यानी बेबी फॉर्मूला के कुछ बैच वापस मंगाने पड़े हैं। कंपनी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि एक सप्लायर से जुड़ी क्वॉलिटी समस्या सामने आई है। इस वजह से एहतियातन SMA, BEBA और NAN फॉर्मूला जैसे कुछ प्रॉडक्ट्स को रिकॉल किया गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इन उत्पादों में एक जहरीला पदार्थ मिलने की आशंका जताई गई है, जिससे उल्टी और मतली जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत में माता-पिता के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत में भी नेस्ले के बेबी मिल्क को लेकर चिंता करने की जरूरत है या नहीं।
Nestle Baby Milk: भारत में बिकने वाले नेस्ले प्रॉडक्ट सुरक्षित
रिपोर्टर डायरीज (Reporter Diaries) ने जब इस मामले पर नेस्ले कस्टमर केयर से बात की, तो कंपनी की ओर से साफ किया गया कि भारत में घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है। नेस्ले के अधिकारियों के मुताबिक, यूरोप में जिन प्रॉडक्ट्स को रिकॉल किया गया है, वे वहां के बाजार के लिए बनाए गए थे। भारत में बिकने वाले नेस्ले के उत्पाद, खासकर NAN फॉर्मूला मिल्क, भारत में ही मैन्युफैक्चर किए जाते हैं।
कंपनी ने बताया कि भारत में बनने वाले सभी नेस्ले उत्पाद FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) समेत अन्य नियामक संस्थाओं के कड़े मानकों का पालन करते हैं। इसी वजह से भारत में उपलब्ध बेबी फॉर्मूला और अन्य खाद्य उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित हैं और उपभोक्ता उनका इस्तेमाल जारी रख सकते हैं।
Nestle Baby Milk: यूरोप में क्यों लिया गया रिकॉल का फैसला
नेस्ले के एक प्रवक्ता ने कहा कि एक बड़े सप्लायर से क्वॉलिटी की समस्या सामने आने के बाद कंपनी ने एराकिडोनिक एसिड ऑयल और उससे जुड़े ऑयल मिक्स की जांच शुरू की। इन ऑयल का इस्तेमाल शिशु पोषण उत्पादों के निर्माण में किया जाता है। पूरी टेस्टिंग प्रक्रिया के बाद जिन उत्पादों पर संदेह था, उन्हें एहतियातन बाजार से वापस मंगाया गया।
ऑस्ट्रिया के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस रिकॉल से नेस्ले की 10 से ज्यादा फैक्ट्रियों के 800 से अधिक उत्पाद प्रभावित हुए हैं। इसे नेस्ले के इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉल बताया गया है, हालांकि कंपनी के प्रवक्ता ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है। राहत की बात यह है कि अब तक इन रिकॉल किए गए उत्पादों से जुड़ी किसी बीमारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Nestle Baby Milk: भारत पर क्या पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिकॉल का भारत के बाजार पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। भारत में सप्लाई चेन, कच्चा माल और मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस अलग हैं। इसके अलावा भारत में खाद्य उत्पादों पर निगरानी और गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया काफी सख्त है।
हालांकि, वैश्विक स्तर पर इस खबर का असर नेस्ले के शेयरों पर जरूर दिखा है। पिछले दो दिनों में कंपनी के शेयर 3% से ज्यादा गिरे हैं। SkyQuest Technology Group के मुताबिक, नेस्ले का ग्लोबल शिशु पोषण बाजार में करीब 25% हिस्सा है, जिसकी कुल कीमत लगभग 92.2 बिलियन डॉलर आंकी गई है। ऐसे में यूरोप में हुआ यह रिकॉल कंपनी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
Nestle Baby Milk: उपभोक्ताओं के लिए क्या सलाह
भारत में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है। अगर आपके पास भारत में बना नेस्ले बेबी फॉर्मूला या अन्य उत्पाद हैं, तो वे सुरक्षित बताए गए हैं। फिर भी, किसी भी खाद्य उत्पाद को खरीदते समय उसकी पैकेजिंग, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। किसी तरह की शंका होने पर नेस्ले के कस्टमर केयर या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना बेहतर होगा।