मेट्रो और बस कनेक्टिविटी का अभाव, यात्रियों को निजी साधनों पर निर्भरता

Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भले ही हो चुका हो, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए मजबूत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का अभाव यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनकर सामने आया है।

 

इस कमी को दूर करने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने महिंद्रा लॉजिस्टिक्स मोबिलिटी के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक टैक्सियों की सुविधा दी जाएगी।

 

Noida International Airport: निर्भर रहना पड़ रहा है।

 

एयरपोर्ट तक न तो मेट्रो कनेक्टिविटी उपलब्ध है और न ही कोई सीधी बस सेवा, जिससे यात्रियों को टैक्सी, बाइक टैक्सी और निजी वाहनों पर और Rapido के जरिए 24 घंटे बाइक टैक्सी और कैब सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। यात्रियों की सुविधा के लिए आगमन और प्रस्थान

 

पिक-अप और ड्रॉप पॉइंट

 

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने मेरठ, अलीगढ़, आगरा और मथुरा सहित 17 जिलों को एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना बनाई है, जिसे आगे गुरुग्राम और फरीदाबाद तक विस्तार दिया जा सकता है।

 

उत्तराखंड परिवहन निगम के साथ हुए समझौते के तहत देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और हल्द्वानी के लिए एसी बस सेवाएं शुरू करने की तैयारी है।

 

इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी

 

इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) के गठन में देरी इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित 500 सिटी बसों की योजना फिलहाल अटकी हुई है।

 

बॉटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन, जो ब्लू लाइन और एक्वा लाइन का प्रमुख इंटरचेंज है और एयरपोर्ट से करीब 65 किलोमीटर दूर स्थित है, वहां से भी जेवर के लिए कोई सीधी बस सेवा उपलब्ध नहीं है।

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