Weather Update: मैदानी इलाकों के जन-जीवन के लिए अगले दो-तीन दिन बेहद मुश्किल भरे रहने वाले हैं। पहाड़ों से उतर रही तेज और सूखी उत्तरी हवाओं के कारण दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंड से राहत के आसार फिलहाल नहीं दिख रहे हैं। उत्तर-पश्चिम भारत में सुबह और रात के न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हो रहा है, जिससे शीतलहर की तीव्रता बनी हुई है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले दो-तीन दिनों तक शीतलहर (Weather Update) से लेकर गंभीर शीतलहर की स्थिति बने रहने की प्रबल संभावना है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर यह चार डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया है, जिससे पाले की स्थिति बन गई है।
अगले पांच दिनों तक घने कोहरे का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत के साथ-साथ बिहार में भी अगले पांच दिनों तक सुबह के समय घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कई हिस्सों में दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई। दिल्ली में भी सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित रही, हालांकि दिन चढ़ने के साथ धूप निकली, लेकिन ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बनाए रखी।
पहाड़ों में बर्फबारी बनी शीतलहर की वजह
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस शीतलहर का मुख्य कारण पहाड़ी इलाकों में हाल ही में हुई बर्फबारी (Weather Update) है। इसके बाद चल रही उत्तरी हवाएं मैदानी इलाकों में ठंड को और बढ़ा रही हैं। साफ आसमान और रात में तेज ठंडक के चलते जमीन तेजी से ठंडी हो रही है, जिससे पाला पड़ने की स्थिति और गंभीर हो गई है।
स्काईमेट वेदर के प्रवक्ता महेश पलावत के मुताबिक, अगले दो-तीन दिन सर्दी अपने चरम पर रह सकती है।
15 जनवरी को फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग का कहना है कि 15 जनवरी को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से 16 और 17 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में अच्छी बर्फबारी और बारिश की संभावना है। इससे हवाओं की दिशा में बदलाव आएगा और उत्तर से चल रही ठंडी हवाएं कुछ कमजोर पड़ सकती हैं।
मकर संक्रांति के बाद मिल सकती है राहत
इसी के चलते दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों में 15 जनवरी के बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। मध्य भारत में भी तापमान अगले कुछ दिनों तक लगभग स्थिर रह सकता है। हालांकि, मकर संक्रांति और लोहड़ी जैसे पर्व इस बार भी ठंड और घने कोहरे के बीच ही मनाए जाएंगे।
फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने और सुबह-शाम अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।