Ajit Pawar Plane Crash: भारतीय राजनीति के वो काले पल, जब विमान हादसों ने छीन लिए बड़े नेता

Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के बारामती (Baramati) के पास हुए एक विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार (Ajit Pawar) की मौत की खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना भारत के राजनीतिक इतिहास में दर्ज उन दर्दनाक पलों की याद दिलाती है, जब हवाई दुर्घटनाओं में देश ने अपने कई शीर्ष नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों को खो दिया।

बीते कई दशकों में भारत में विमान और हेलीकॉप्टर हादसों की ऐसी अनेक घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें हर बार जांच बैठी, सवाल उठे और पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। तकनीक के इस आधुनिक दौर में भी इस तरह की दुर्घटनाएं होना न केवल चिंता का विषय है, बल्कि विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है।

इन हादसों ने न सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर अपूरणीय क्षति पहुंचाई, बल्कि कई बार देश और राज्यों की राजनीति की दिशा भी बदल दी। नीचे उन प्रमुख भारतीय राजनेताओं और सार्वजनिक हस्तियों का संक्षिप्त कालक्रम दिया गया है, जिन्होंने हवाई दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाई।

Ajit Pawar Plane Crash: अजीत पवार (2026)

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक गैर-लगातार कार्यकाल वाले उपमुख्यमंत्री अजीत अनंतराव पवार की 28 जनवरी 2026 को पुणे जिले के बारामती के पास एक चार्टर्ड Learjet 45 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से मौत हो गई।

मुंबई से लौट रहे इस विमान में पवार के साथ सुरक्षाकर्मी और चालक दल के सदस्य सवार थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई। 66 वर्षीय पवार को महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रभावशाली प्रशासक और वित्तीय नीतियों के मजबूत स्तंभ के रूप में जाना जाता था। उनकी मृत्यु से राज्य की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।

विजय रूपाणी (2025)

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की 12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने से मौत हो गई। यह विमान अहमदाबाद से लंदन जा रहा था और उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हादसे का शिकार हो गया। डीएनए जांच के जरिए उनकी पहचान की गई और गुजरात में एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया।

दोरजी खांडू (2011)

अरुणाचल प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दोरजी खांडू की 30 अप्रैल 2011 को तवांग के पास एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी इलाका इस हादसे की मुख्य वजह माने गए।

वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (2009)

अविभाजित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) की 2 सितंबर 2009 को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। उनका हेलीकॉप्टर हैदराबाद से चित्तूर जाते समय नल्लामाला जंगल में गिरा था। इस हादसे ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल कर रख दिया।

ओम प्रकाश जिंदल और सुरेंद्र सिंह (2005)

हरियाणा सरकार में मंत्री ओम प्रकाश जिंदल और सुरेंद्र सिंह की 3 मार्च 2005 को सहारनपुर के पास हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। तकनीकी खराबी और खराब दृश्यता को हादसे का कारण बताया गया।

जी.एम.सी. बालयोगी (2002)

लोकसभा के तत्कालीन अध्यक्ष जी.एम.सी. बालयोगी की 3 मार्च 2002 को आंध्र प्रदेश में एक हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई। यह भारतीय संसदीय इतिहास की एक दुर्लभ और दुखद घटना थी।

माधवराव सिंधिया (2001)

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया की 30 सितंबर 2001 को विमान दुर्घटना में मौत हो गई। इस हादसे का असर मध्य प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति पर लंबे समय तक देखने को मिला।

संजय गांधी (1980)

23 जून 1980 को संजय गांधी की मौत एक विमान दुर्घटना में हुई, जब वे खुद विमान उड़ा रहे थे। यह घटना भारतीय राजनीति के इतिहास की सबसे चर्चित और निर्णायक घटनाओं में से एक मानी जाती है।

जनरल बिपिन रावत (2021)

भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और अन्य सैन्य अधिकारियों की 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर के पास Mi-17V5 हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया।

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