Cuba: दुनिया जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नए ऊर्जा स्रोतों के साथ तेज़ी से आगे बढ़ रही है, वहीं क्यूबा इस समय गहरे ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। NASA द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों ने इस संकट की गंभीरता को उजागर किया है।जबकि पिछले साल इसी समय देश जगमगा रहा था। इस ब्लैकआउट का असर 1 करोड़ से ज्यादा लोगों पर पड़ा है।
Cuba: क्यूबा में दिखा अंधकार
NASA का ‘ब्लैक मार्बल’ सिस्टम खास तौर पर रात के समय पृथ्वी पर रोशनी में होने वाले बदलावों को ट्रैक करता है। इसमें चांदनी, बादल और अन्य बाधाओं को हटाकर केवल कृत्रिम रोशनी को रिकॉर्ड किया जाता है।
क्यूबा अपनी बिजली जरूरतों के लिए 83% से ज्यादा तेल पर निर्भर है। इसके अलावा प्राकृतिक गैस और जैव ईंधन का योगदान बहुत कम है।
Cuba: आम लोगों पर गंभीर असर
यह संकट सिर्फ बिजली तक सीमित नहीं है। इसके चलते पानी की सप्लाई ठप हो गई है, और कोल्ड स्टोरेज फेल होने से खाद्य सामग्री खराब हो रही है।
अस्पताल बैकअप जनरेटर पर निर्भर हैं संचार नेटवर्क भी प्रभावित हो रहे हैं
इस नीति के तहत क्यूबा को तेल सप्लाई करने वाले देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जा रहा है, जिससे शिपिंग, बीमा और वित्तीय लेनदेन जटिल हो गए हैं। इसके साथ ही व्हाइट हाउस द्वारा जनवरी 2026 में लागू नई टैरिफ नीति ने स्थिति और बिगाड़ दी है।
क्यूबा इस समय एक गहरे ऊर्जा और मानवीय संकट के दौर से गुजर रहा है। जिसका समाधान निकट भविष्य में आसान नहीं दिख रहा।