Balochistan Attack: पाकिस्तान में बलूच विद्रोहियों ने एक साथ कई इलाकों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हिंसक हमले किए हैं। शुक्रवार रात से शनिवार तक चले इन हमलों में पाकिस्तान के 12 शहरों और कस्बों को टारगेट किया गया, जिसमें 80 से अधिक लोगों की मौत की खबर है। मृतकों में सुरक्षा बलों के जवान और बलूच विद्रोही दोनों शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 80 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की सूचना है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। हमलों के दौरान पुलिस चौकियों, फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के ठिकानों और आम नागरिकों को निशाना बनाया गया।
Balochistan Attack: क्वेटा से ग्वादर तक फैली हिंसा
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि क्वेटा, ग्वादर, मकरान, हब, चमन, नसीराबाद और नुश्की समेत कई इलाकों से हमलों की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति पर काबू पाने के लिए तत्काल कार्रवाई की।
केंद्रीय सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि आतंकियों ने पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स की चौकियों पर हमला किया, लेकिन सुरक्षा बल पहले से अलर्ट थे। जवाबी कार्रवाई के चलते कई हमलों को नाकाम कर दिया गया और हमलावरों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।
Balochistan Attack: BLA ने ली हमलों की जिम्मेदारी
प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। संगठन ने दावा किया है कि उसने ‘ऑपरेशन हेरोफ़’ का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। BLA के प्रवक्ता जीयंद बलूच के हवाले से जारी बयान में कहा गया कि उसके लड़ाकों ने नुश्की में काउंटर टेररिज़्म डिपार्टमेंट (CTD) के मुख्यालय और एक फ्रंटियर कॉर्प्स की सुविधा पर कब्ज़ा कर लिया।
हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मारे गए आतंकियों की पहचान की जा रही है और यह जांच की जा रही है कि उनमें प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के सदस्य भी शामिल थे या नहीं।
Balochistan Attack: बलूचिस्तान में बढ़ती आतंकी हिंसा
बलूचिस्तान में पिछले कुछ वर्षों से आतंकवादी हिंसा में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज़ के अनुसार, बीते साल इस प्रांत में हिंसा से होने वाली मौतों में करीब 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में पूरे देश में आतंकी हमलों की संख्या 34 प्रतिशत बढ़कर 699 तक पहुंच गई।