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Rakshabandhan 2024: पर्यावरण के प्रति अनोखा प्रेम, महिलाएं पेड़ को बांधती हैं राखी

RD Desk · 18 August 2024, 2:13 pm · 1 मिनट पढ़ें

Rakshabandhan 2024: पर्यावरण के प्रति अनोखा प्रेम, महिलाएं पेड़ को बांधती हैं राखी

Rakshabandhan 2024: रक्षाबंधन का पर्व भाई और बहनों के बीच मनाया जाने वाला भारतीय संस्कृति का विशेष त्योहार है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है, लेकिन यूपी के शाहजहांपुर की कहानी आपको सोचने पर मजबूर कर देगी, क्योंकि ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में शाहजहांपुर की महिलाएं पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़-पौधों को अपना भाई मानकर उन्हें राखी बांधती है और इस रिश्ते को एक नया आयाम दे रही हैं।

जैसा कि आप सबको पता है कि रक्षाबंधन का पर्व सोमवार यानी 19 अगस्त को है, लेकिन शाहजहांपुर शहर की महिलाएं गुरुवार से ही वृक्षों के तने और टहनियों पर राखी बांधती हुई नजर आई। हैं। वे उन्हें तिलक लगाने के साथ-साथ मिष्ठान के तौर पर उनके पोषण के लिए प्राकृतिक खाद अर्पित करते हुए पेड़ों के दीर्घायु होने की कामना कर रही हैं।

Rakshabandhan 2024: मुहिम चलाने वाली महिलाएं क्या बोलीं?

यह प्रेरणादायक मुहिम चला रही महिलाओं में से ज्यादातर शहर के संभ्रांत लोगों के व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ी हैं। ‘वीआईपी’ नामक ग्रुप में शामिल लोगों की एक समिति भी है। इस समिति की अध्यक्ष नीतू गुप्ता ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि रक्षाबंधन भाई बहन द्वारा एक दूसरे का ख्याल रखने की बेहद पवित्र भावना का प्रतीक है इसलिए उसे पेड़-पौधों के संरक्षण से जोड़ने का विचार बनाया गया ताकि पर्यावरण का संरक्षण करने के लिए लोग और भी ज्यादा प्रेरित हों।

उनका कहना है कि हमने अपनी साथी महिलाओं से पेड़ों को राखी बंधवाने का निर्णय लिया। पिछले बृहस्पतिवार से हमारे ग्रुप की सदस्य पेड़ों को राखी बांध रही हैं और उनका तिलक करके मिष्ठान के तौर पर उनकी जड़ में प्राकृतिक खाद डालकर पानी दे रही हैं। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन के गहराते संकट को देखते हुए हमने सोचा कि पर्यावरण संरक्षण का सबसे अच्छा तरीका बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करना ही है इसके लिए मिशन मोड में काम किया गया और इस साल एक लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य है।

Rakshabandhan 2024: अब तक हजार से ऊपर पेड़ को बांधी जा चुकी हैं राखी

इस ग्रुप की सदस्य शमा जैदी ने कहा कि आज पेड़ों को संरक्षित रहने के लिए जो बीड़ा हमारे ग्रुप की सदस्यों ने उठाया है उसे सभी को अपनाना चाहिए ताकि हम पेड़ों को संरक्षित कर सकें। उन्होंने बताया कि व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ी महिलाएं अब तक लगभग 1000 पेड़ों को राखी बांध चुकी हैं और सोमवार को रक्षाबंधन के दिन अपने घरों में पर्व मनाने के बाद ग्रुप की सदस्य पेड़ों की रक्षा करने वाले (केयरटेकर) को राखी बांधने के अलावा उन्हें उपहार में वस्त्र तथा मिठाई देंगी।

शर्मा ने बताया कि ग्रुप द्वारा शहर की विभिन्न कॉलोनियों के लगभग 25 पार्कों तथा शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों, सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों एवं कब्रिस्तान तथा श्मशान घाटों पर प्रमुख रूप से वृक्षारोपण किया जा चुका है। रक्षाबंधन पर पेड़ पौधों के संरक्षण के लिए उन्हें राखी बांध रही महिलाओं के व्हाट्सऐप ग्रुप के ‘एडमिन’ अभिनय कुमार गुप्ता ने 2015 में शहर की महिला पुरुषों को जोड़कर एक ग्रुप बनाया था।

Rakshabandhan 2024

बता दें कि इस ग्रुप में चिकित्सक, अध्यापक और कई उद्योगपति जुड़े हैं। प्रतिवर्ष यह ग्रुप शहर को हरा भरा बनाने के लिए पेड़ लगा रहा है। उन्होंने बताया कि 200 सदस्यों वाले व्हाट्सऐप ग्रुप में करीब 70 महिलाएं हैं। नगर आयुक्त डॉक्टर विपिन कुमार मिश्रा ने पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ों को राखी बांधने कि इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इसे जन आंदोलन बनाने की जरूरत है।

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