पहले खाते से निकाले 999 रुपये, फिर मदद के नाम पर मोबाइल दबवाकर लगा दी हजारों की चपत; पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
जौनपुर। साइबर अपराधियों ने अब ठगी का नया तरीका अपनाकर आम लोगों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। बैंक के कस्टमर केयर के नाम पर मदद का झांसा देकर ठगों ने मीरगंज क्षेत्र से जुड़े एक ग्रामीण के खाते से 51 हजार रुपये पार कर दिए। पीड़ित को जब तक अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ, तब तक उसके खाते से रकम निकल चुकी थी। मामले में पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक जौनपुर को प्रार्थना पत्र देकर ठगी की रकम वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, तेजी बाजार थाना क्षेत्र के अधकचा गांव निवासी अखिलेश कुमार मौर्य पुत्र कल्पनाथ मौर्य का बचत खाता मीरगंज थाना क्षेत्र स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में संचालित है। पीड़ित अखिलेश कुमार मौर्य ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि बीते 3 नवंबर 2026 की सुबह करीब तीन बजे उनके बैंक खाते से अचानक 999 रुपये कट गए।
खाते से रुपये निकलने का मैसेज मिलने पर उन्होंने इसकी जानकारी प्राप्त करने के लिए बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क करने का प्रयास किया। आरोप है कि वहां से संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर उन्हें गूगल पर उपलब्ध नंबरों के माध्यम से संपर्क करने को कहा गया। इसके बाद पीड़ित ने गूगल से मिले एक नंबर पर फोन किया, जहां से उसे दूसरे मोबाइल नंबर पर बात करने के लिए कहा गया।
पीड़ित के मुताबिक, दूसरे नंबर पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को मददगार बताते हुए मोबाइल पर कुछ नंबर दबाने के निर्देश दिए। जैसे ही अखिलेश ने बताए गए नंबर दबाए, उनके बैंक खाते से देखते ही देखते 51 हजार रुपये निकल गए। खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिलते ही पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई। इस तरह कस्टमर केयर से मदद लेने की कोशिश उनके लिए हजारों रुपये की चपत बन गई।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए ठगी के जरिए निकाली गई 51 हजार रुपये की धनराशि वापस दिलाने की गुहार लगाई है। साथ ही संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच कराने, आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा संबंधित बैंक खातों को तत्काल सीज कराने की मांग की है, ताकि ठगी की रकम को आगे दूसरे खातों में स्थानांतरित होने से रोका जा सके।
इस संबंध में साइबर थाना जौनपुर के इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि यदि पुलिस अधीक्षक के यहां प्रार्थना पत्र दिया गया है तो मामले की जांच-पड़ताल कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।




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