Samrat Choudhary: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर राज्य के सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों और आवश्यकताओं से रक्षा मंत्री को अवगत कराया। सरकार की ओर से इस मुलाकात को बिहार की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दिल्ला दौरे पर सीएम सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इन दिनों राजधानी दिल्ली के दौरे पर हैं। इसी क्रम में उन्होंने केंद्रीय रक्षा मंत्री से शिष्टाचार भेंट की, लेकिन बैठक का प्रमुख विषय बिहार के सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा रहा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार दोनों नेताओं के बीच सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। हालांकि बैठक में किन-किन प्रस्तावों पर चर्चा हुई या आगे क्या निर्णय लिए जाएंगे, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल साझा नहीं की गई है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद धर्मेंद्र प्रधान से भी शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा होने की जानकारी दी गई है।
लगातार विकास और सुरक्षा के एजेंडे पर सक्रिय सरकार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हाल के दिनों में विकास और प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। एक दिन पहले उन्होंने पटना में कॉम्फेड (सुधा) के कार्यक्रम में डेयरी क्षेत्र से जुड़े किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 68.51 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की। इसके साथ ही उन्होंने डेयरी क्षेत्र के आधुनिकीकरण, किसानों की आय बढ़ाने और बिहार के डेयरी उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
सरकार का कहना है कि बिहार में कृषि, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ आधारभूत ढांचे और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय रक्षा मंत्री से मुख्यमंत्री की मुलाकात को भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि बैठक के बाद किसी नई योजना या घोषणा की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
अब इस मुलाकात के बाद निगाहें इस बात पर रहेंगी कि बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से आगे कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।





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