UP Vidhansabha Chunav: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में अंबेडकरनगर जिले की सियासत में समाजवादी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच में से चार विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की। जिले की अकबरपुर, आलापुर, जलालपुर और टांडा सीट पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की, जबकि कटेहरी सीट पर भाजपा-निषाद पार्टी गठबंधन को सफलता मिली। चुनाव परिणामों ने जिले के राजनीतिक समीकरणों को नई दिशा दी और सपा को जिले की सबसे मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित किया।
अकबरपुर सीट पर राम अचल राजभर की जीत
अंबेडकरनगर की अकबरपुर विधानसभा सीट (UP Vidhansabha Chunav) पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम अचल राजभर ने भाजपा के धर्मराज निषाद को हराकर जीत दर्ज की। इस सीट पर बसपा के चंद्रप्रकाश वर्मा और कांग्रेस की प्रियंका जायसवाल भी चुनाव मैदान में थीं, लेकिन मुकाबले में सपा उम्मीदवार ने बढ़त बनाए रखी।
अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र को जिले की सबसे महत्वपूर्ण सीटों में गिना जाता है। यहां दलित, राजभर, ब्राह्मण, कुर्मी और निषाद मतदाता चुनावी नतीजों को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि हर चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दल इस सीट पर विशेष फोकस रखते हैं।
राजनीतिक इतिहास की बात करें तो वर्ष 1993 में राम अचल राजभर ने बसपा के टिकट पर पहली बार यहां जीत दर्ज की थी। इसके अलावा अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र से बसपा प्रमुख मायावती भी सांसद रह चुकी हैं, जिससे इस क्षेत्र में बसपा का भी प्रभाव माना जाता है।
आलापुर में भाजपा से सीट छीनने में सफल रही सपा
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित आलापुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के त्रिभुवन दत्त ने जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा के त्रिवेणी राम, बसपा की केशरा देवी गौतम और कांग्रेस की सत्यमवदा पासवान को पीछे छोड़ दिया।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की अनीता कमल ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी, लेकिन 2022 में बदले राजनीतिक माहौल में समाजवादी पार्टी ने यह सीट भाजपा से छीन ली। दलित, यादव और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं ने इस सीट के चुनाव परिणाम में अहम भूमिका निभाई।
UP Vidhansabha Chunav: जलालपुर में राकेश पांडेय की शानदार जीत
जलालपुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के राकेश पांडेय ने बहुजन समाज पार्टी के राजेश सिंह को 13,630 वोटों के अंतर से हराया। राकेश पांडेय को 93,668 वोट मिले, जबकि राजेश सिंह को 80,038 मत प्राप्त हुए। भाजपा के सुभाष चंद्र राय 71,236 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
जलालपुर सीट पर स्थानीय विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं और जातीय समीकरण चुनाव के प्रमुख मुद्दे रहे। इस सीट पर मुख्य मुकाबला समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच देखने को मिला।
कटेहरी में भाजपा-निषाद गठबंधन को मिली इकलौती जीत
कटेहरी विधानसभा सीट पर भाजपा-निषाद पार्टी गठबंधन के प्रत्याशी अवधेश कुमार ने समाजवादी पार्टी के लालजी वर्मा को हराकर जीत दर्ज की। बसपा की ओर से प्रतीक पांडेय और कांग्रेस की निशात फातिमा भी चुनाव मैदान में थीं।
कटेहरी जिले की एकमात्र सीट रही जहां भाजपा गठबंधन जीत दर्ज करने में सफल रहा। इस सीट पर जातीय समीकरण और स्थानीय राजनीतिक प्रभाव चुनावी परिणाम का प्रमुख आधार बने।
टांडा में राममूर्ति वर्मा ने बड़े अंतर से दर्ज की जीत
टांडा विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के राममूर्ति वर्मा ने भाजपा के कपिल देव को 32,097 वोटों के बड़े अंतर से हराया। राममूर्ति वर्मा को 95,263 वोट मिले, जबकि कपिल देव को 63,166 मत प्राप्त हुए। बसपा की शबाना खातून 45,222 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहीं, जबकि एआईएमआईएम की प्रेमलता को 7,442 वोट मिले।
टांडा सीट पर सड़क, बिजली, रोजगार, किसानों की समस्याएं और स्थानीय विकास चुनावी बहस के प्रमुख मुद्दे रहे। बड़े अंतर से मिली जीत ने जिले में समाजवादी पार्टी की मजबूत पकड़ को और स्पष्ट कर दिया।
जिले का चुनावी संदेश
अंबेडकरनगर में 2022 के विधानसभा चुनाव परिणामों ने साफ संकेत दिया कि समाजवादी पार्टी को जिले में व्यापक जनसमर्थन मिला। पांच में से चार सीटों पर जीत के साथ सपा ने अपना दबदबा कायम रखा, जबकि भाजपा-निषाद गठबंधन केवल कटेहरी सीट बचाने में सफल रहा। चुनावी नतीजों में जातीय समीकरण, स्थानीय मुद्दे और प्रत्याशियों की राजनीतिक पकड़ निर्णायक साबित हुई।

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