Sultanpur Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। एक-एक विधानसभा सीट पर राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश जारी है। ऐसे में सुल्तानपुर जिला भी चुनावी लिहाज से अहम हो जाता है। जिले में इसौली (187), सुल्तानपुर (188), सदर (189), लम्भुआ (190) और कादीपुर-एससी (191) सहित कुल पांच विधानसभा सीटें हैं। इन सीटों पर 2022 के चुनाव में भाजपा ने चार और समाजवादी पार्टी ने एक सीट पर जीत दर्ज की थी।
सुल्तानपुर जिले का भौगोलिक और प्रशासनिक परिदृश्य
सुल्तानपुर जिले का कुल क्षेत्रफल 2,672.89 वर्ग किलोमीटर है और यहां की कुल जनसंख्या 24 लाख 31 हजार 490 बताई गई है। जिले की मुख्य भाषा हिंदी है। प्रशासनिक दृष्टि से यहां कुल 1,765 गांव, 15 विकास खंड और पांच तहसीलें हैं। जनपद की उत्तरी सीमा पर फैजाबाद एवं अम्बेडकरनगर, उत्तर-पश्चिम में बाराबंकी, पूरब में जौनपुर व आजमगढ़, पश्चिम में अमेठी और दक्षिण में प्रतापगढ़ स्थित है।
जनपद में बहने वाली गोमती नदी प्राकृतिक दृष्टि से जिले को दो भागों में बांटती है। गोमती नदी उत्तर-पश्चिम के समीप जिले में प्रवेश करती है और टेढ़ी-मेढ़ी बहती हुई दक्षिण-पूर्व में द्वारिका के निकट जौनपुर में प्रवेश करती है। इसके अतिरिक्त यहां गभड़िया नाला, मझुई नाला, जमुरया नाला तथा भटगांव ककरहवा, सोभा महोना आदि झीलें हैं।
जनपद की भूमि मुख्य रूप से मटियार है। प्रशासनिक रूप से सुल्तानपुर पांच तहसीलों—सदर, बल्दीराय, जयसिंहपुर, कादीपुर और लंभुआ—में बंटा है। जिले के विकास खंडों की सूची में अखंड नगर, दोस्तपुर, करौंदी कला, कादीपुर, मोतिगरपुर, जयसिंहपुर, कुरेभार, प्रतापपुर कमैचा, लंभुआ, भदैंया, दूबेपुर, धनपतगंज, कुड़वार और बल्दीराय शामिल हैं।
ऋषि-मुनियों की तपोस्थली रहा है सुल्तानपुर
ऐतिहासिक दृष्टि से सुल्तानपुर का अतीत गौरवशाली और महिमामंडित रहा है। पुरातात्विक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक और औद्योगिक दृष्टि से जिले का अपना विशिष्ट स्थान है। महर्षि वाल्मीकि, दुर्वासा और वशिष्ठ आदि ऋषि-मुनियों की तपोस्थली का गौरव भी इसी जिले को प्राप्त है।
2022 में भाजपा ने जीती थीं चार विधानसभा सीटें
सुल्तानपुर जिले की पांच विधानसभा सीटों के पिछले चुनाव परिणामों पर नजर डालें तो 2022 में चार सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एक सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने जीत दर्ज की थी। भाजपा के विनोद सिंह ने सुल्तानपुर सीट, राज प्रसाद उपाध्याय ने सदर सीट, सीताराम वर्मा ने लम्भुआ सीट और राजेश गौतम ने कादीपुर सुरक्षित सीट से जीत हासिल की थी। वहीं, इसौली सीट से समाजवादी पार्टी के मोहम्मद ताहिर खान विधायक चुने गए थे।
2027 के विधानसभा चुनाव में भी जिले की इन पांचों सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। राजनीतिक दलों के सामने पिछले चुनाव के समीकरणों को बनाए रखने के साथ-साथ नए मतदाताओं और स्थानीय मुद्दों को साधने की चुनौती रहेगी।
इसौली में सपा का समीकरण, बाकी सीटों पर भाजपा की पकड़
स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से इसौली विधानसभा सीट पर मुस्लिम-यादव समीकरण के कारण समाजवादी पार्टी को मजबूत माना जाता है। वहीं, जिले की अन्य चार सीटों पर भाजपा की संगठनात्मक पकड़ मजबूत बताई जाती है। कादीपुर सुरक्षित सीट पर दलित मतदाता निर्णायक भूमिका में रहेंगे।
किसानों, रोजगार और विकास के मुद्दे होंगे अहम
आगामी विधानसभा चुनाव में किसानों से जुड़े मुद्दे, गोमती नदी का कटान, गन्ना भुगतान, युवाओं के लिए रोजगार और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़े विकास के दावे प्रमुख मुद्दे बन सकते हैं। इन्हीं सवालों और राजनीतिक समीकरणों के इर्द-गिर्द सुल्तानपुर जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर चुनावी मुकाबला आकार लेगा।


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