Madhubani Police Firing: बिहार के मधुबनी जिले में पुलिस की वर्दी को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गांव में पुलिस पिकेट पर तैनात ASI चंद्रमोहन सिंह ने ग्रामीणों पर अपनी सर्विस पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग (Madhubani Police Firing) कर दी। इस घटना में 50 वर्षीय अशोक यादव की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद से आरोपी ASI फरार है।
पुलिस मुख्यालय सख्त, आरोपी पर इनाम और बर्खास्तगी की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। मधुबनी के SSP योगेंद्र कुमार के अनुसार आरोपी ASI को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और अब उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। गिरफ्तारी के लिए पांच सदस्यीय विशेष टीम का गठन कर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या सहित गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर स्पीडी ट्रायल चलाने की बात कही है।
क्या है पूरा मामला? आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने पर चलाई गोली
यह सनसनीखेज घटना सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात करीब 1 बजे की है। मीडिया रिपोर्ट और ग्रामीणों के अनुसार, बलिराजगढ़ में सुरक्षा के लिए पुलिस पिकेट बनाई गई है, जहां एक ASI, तीन होमगार्ड जवान और दो चौकीदार तैनात थे। बताते हैं कि ASI चंद्रमोहन सिंह का उसी गांव में एक महिला के घर अक्सर आना-जाना था और ग्रामीणों के अनुसार उसका महिला से अवैध संबंध था।
बताया जा रहा है कि बीती रात विजय यादव की पत्नी मायके गई हुई थी, घर में उनकी बेटी और पड़ोसी अशोक यादव की बेटी सोई हुई थी। आरोप है कि ASI गलत नीयत से विजय यादव के घर में घुस गया। इसकी भनक पड़ोसन फूलो देवी को लगी तो उसने बाहर से दरवाजे की सिटकनी बंद कर दी और शोर मचा दिया। शोर सुनकर गांव वाले जमा हो गए और ASI को घर के अंदर ही घेर लिया। खुद को भीड़ से घिरा देखकर ASI ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकाल ली और 5 से 6 राउंड फायरिंग कर दी।
इस गोलीबारी में अशोक यादव, धनिक लाल यादव, फूलो देवी और विजेंद्र यादव को गोलियां लगीं। सभी को बाबूबरही CHC लाया गया, जहां डॉक्टरों ने अशोक यादव को मृत घोषित कर दिया। अन्य तीन घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि मृतक अशोक यादव बेंगलुरु में पान की दुकान चलाता था और उसकी बेटी की शादी 14 दिसंबर को होने वाली है।
Madhubani Police Firing: पहले भी विवादों में रहा है आरोपी ASI
यह पहली बार नहीं है जब ASI चंद्रमोहन सिंह का नाम विवादों में आया हो। इससे पहले वह मधवापुर थाना में तैनात था। जुलाई 2025 में मधवापुर में डायल-112 टीम में तैनाती के दौरान एक नाबालिग बाइक सवार की मौत के मामले में भी उस पर कार्रवाई हुई थी और उसे सस्पेंड किया गया था।
क्यों बनाई गई थी बलिराजगढ़ में पुलिस पिकेट?
बता दें कि बलिराजगढ़ एक ऐतिहासिक खुदाई स्थल है। मई 2026 में उपद्रवी लोगों द्वारा खुदाई के काम में बाधा डालने और पुरातात्विक अवशेष चुराने की घटनाओं के बाद SSP और ग्रामीणों की बैठक में वहां स्थायी पुलिस पिकेट बनाने का निर्णय लिया गया था। तब से ही वहां पुलिस बल तैनात है, जो ड्यूटी के बाद आवासीय बालिका विद्यालय में रहता था। फिलहाल घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। SSP योगेंद्र कुमार खुद रात से ही बाबूबरही थाने पर कैंप कर रहे हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं।





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