Mahadev Satta App: छत्तीसगढ़ के भिलाई में जूस की दुकान पर 15 हजार रुपये की नौकरी करने वाला सौरभ चंद्राकर कैसे बना 94 हजार करोड़ के सट्टा साम्राज्य का किंगपिन, इसकी कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। महादेव सट्टा एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ने 3200 पैनल और सहयोगी कंपनियों के सहारे सिर्फ तीन साल में देश को 94 हजार करोड़ का चूना लगा दिया।
15-20 लाख में बिकता था एक पैनल, 80% कमाई दुबई
ईडी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, 2019 तक जूस दुकान पर काम करने वाला सौरभ महादेव सट्टा एप (Mahadev Satta App) का एक पैनल 15 से 20 लाख रुपये में बेचता था। उस पैनल से होने वाली कमाई का 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा हर हफ्ते सीधे महादेव एप के खाते में जाता था। सारा कारोबार दुबई स्थित मुख्यालय से कंट्रोल होता था, जहां भिलाई और आसपास के सैकड़ों युवा काम करते थे। ईडी 2022 से इस पूरे नेटवर्क की मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।
हवाला और फर्जी अकाउंट का खेल
ईडी के मुताबिक, महादेव के पैनल भिलाई और दुबई ही नहीं, पूरे देश में फैले थे। इन पर हर दिन करोड़ों का कलेक्शन होता था। इसे संभालने के लिए हजारों बैंक अकाउंट खोले गए थे, जिनमें पैसे घुमाकर हवाला के जरिए दुबई भेजा जाता था। अकाउंट होल्डर्स को छोटा कमीशन दिया जाता था, जबकि कई अकाउंट फर्जी KYC से खोले गए थे। 2023 में शिकंजा कसने के बाद भी इन पैनलों पर सट्टा चलता रहा, जिन्हें एजेंसियां अब धीरे-धीरे बंद करा रही हैं।
सिर्फ Mahadev Satta App से 80 हजार करोड़
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पैनल का पूरा सिस्टम फ्रेंचाइजी मॉडल पर चलता था, इसलिए इसे ट्रेस करना मुश्किल है। महादेव के बाद सौरभ ने रेड्डी अन्ना, फेयरप्ले, SkyExchange और Lotus365 जैसे सहयोगी प्लेटफॉर्म भी खड़े कर लिए। ईडी के आकलन में – महादेव सट्टा एप और उसके पैनल से 80 हजार करोड़ से ज्यादा, SkyExchange से 12 हजार करोड़ और Lotus365 से 2400 करोड़ रुपये की अवैध वसूली हुई।
दिल्ली कोर्ट से झटका, 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली
सौरभ चंद्राकर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से झटका लगा है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निखिल चोपड़ा ने CBI को 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड दे दी है। अब उसे रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। सुनवाई में चंद्राकर के वकील ने विरोध किया कि उसका प्रत्यर्पण PMLA मामले में हुआ है, CBI मामले में नहीं। अदालत ने दलील खारिज कर दी। ईडी ने बताया कि उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी है। CBI ने रविवार को ही ओमान से उसका प्रत्यर्पण कराया था। वह CBI के दो और ED के एक मामले में वांछित है, तीनों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।





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