Farakka Jal Sandhi: बिहार के जल अधिकार को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने फरक्का जल संधि (Farakka Jal Sandhi) को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने साफ कहा है कि बिहार के जल संसाधनों पर पहला अधिकार बिहार की जनता का है और दिसंबर 2026 में खत्म हो रही इस संधि का किसी भी कीमत पर नवीनीकरण नहीं होना चाहिए।
संजय झा ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विस्तार से पोस्ट कर अपनी बात रखी है, जिसे जदयू ने अपना आधिकारिक स्टैंड बताया है।
क्या है संजय झा का तर्क? 400 क्यूमेक बनाम 1500 क्यूमेक का गणित
संजय झा ने आंकड़ों के साथ लिखा है कि बक्सर के रास्ते गंगा में बिहार की ओर से लगभग 400 क्यूमेक पानी आता है, जबकि फरक्का संधि (Farakka Jal Sandhi) के तहत बांग्लादेश को 1,500 क्यूमेक पानी देने की व्यवस्था है। यानी बांग्लादेश को दिए जाने वाले पानी में से शेष 1,100 क्यूमेक पानी बिहार की अन्य नदियों जैसे कोसी, गंडक, बागमती और महानंदा के योगदान से आता है।
संजय झा का कहना है कि एक तरफ बिहार के कई जिले हर साल बाढ़, कटाव और पेयजल संकट से जूझते हैं, दूसरी तरफ हमारे ही जल संसाधनों का बोझ बिहार उठा रहा है। यह बिहार के किसानों और आम लोगों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति अब और बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
दिसंबर 2026 में खत्म हो रही है Farakka Jal Sandhi
गौरतलब है कि भारत और बांग्लादेश के बीच फरक्का जल संधि 1996 में 30 सालों के लिए हुई थी, जिसकी अवधि दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही है। जदयू की स्पष्ट मांग है कि इस संधि का सीधे नवीनीकरण करने के बजाय बिहार के हितों को ध्यान में रखकर नए सिरे से निर्णय लिया जाए। पार्टी का कहना है कि नए समझौते में बिहार को स्टेकहोल्डर बनाया जाए और उसके जल अधिकार को सुनिश्चित किया जाए।
संजय झा ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा, “बिहार के जल, बिहार के किसानों और बिहार के अधिकारों से कोई समझौता नहीं!”
भागलपुर में ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ का आयोजन
इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भागलपुर में ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जदयू के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, माननीय मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, माननीय सांसद अजय मंडल, माननीय विधायक शुभानंद मुकेश, ललित नारायण मंडल, विधान पार्षद संजय सिंह, विजय सिंह, पूर्व सांसद सुबोध राय, कहकशां परवीन सहित पार्टी के वरीय नेतागण, कार्यकर्तागण और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भागलपुर जदयू अध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने की, जबकि संचालन बीरेन्द्र सिंह कुशवाहा ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि नीतीश कुमार हमेशा से बिहार के हक की लड़ाई लड़ते आए हैं और फरक्का का मुद्दा भी उसी का हिस्सा है।





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