Anand Sharma: बिहार के मधुबनी जिले में पुलिस की फायरिंग से हुई मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। बाबूबरही थाना क्षेत्र में तैनात ASI चंद्रमोहन सिंह पर अपनी सरकारी पिस्टल से फायरिंग करने का आरोप है। इस घटना में एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना से नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी बीच पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा (Anand Sharma) को भी लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा।
महिला ने गुस्से में पकड़ लिया DM का कॉलर
प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने गुस्से में DM आनंद शर्मा का कॉलर पकड़ लिया और उन्हें वहां से जाने से रोकने की कोशिश की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में महिला DM का कॉलर पकड़े नजर आ रही है।
गुस्से के बावजूद DM ने नहीं खोया संयम
इस दौरान DM ने अपना संयम बनाए रखा। उन्होंने आक्रोशित लोगों की बात सुनी और अपने अंगरक्षकों को भी संयम बरतने दिया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनके व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी होने के बावजूद उन्होंने उस वक्त भीड़ की भावनाओं को समझने और पीड़ित परिवारों की बात सुनने को प्राथमिकता दी।
सोशल मीडिया पर क्यों हो रही तारीफ?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि एक ग्रामीण की मौत और तीन लोगों के घायल होने के बाद लोगों में गुस्सा स्वाभाविक था। ऐसे हालात में DM का खुद मौके पर पहुंचना और विरोध के बावजूद धैर्य बनाए रखना सराहनीय है। लोगों ने उनके संयम और संवेदनशीलता की तारीफ की है। यही वजह है कि मधुबनी DM आनंद शर्मा (Anand Sharma) अचानक सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गए हैं।
कौन हैं IAS आनंद शर्मा?
आनंद शर्मा 2013 बैच के IAS अधिकारी हैं। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई की। इसके बाद दिल्ली से एमबीए किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह नौकरी के सिलसिले में जर्मनी भी गए थे। हालांकि, उनके पिता की इच्छा थी कि बेटा सरकारी सेवा में जाए। आनंद शर्मा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पिता की इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में आने का फैसला किया।
जर्मनी की नौकरी छोड़कर बने IAS
आनंद शर्मा की शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा काफी दिलचस्प रही है। इंजीनियरिंग और एमबीए की पढ़ाई के बाद उन्होंने (Anand Sharma) विदेश में नौकरी की, लेकिन बाद में सिविल सेवा की तैयारी का फैसला किया। UPSC में सफलता हासिल करने के बाद उन्हें बिहार कैडर मिला। उनकी यह यात्रा उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा मानी जाती है, जो निजी क्षेत्र में करियर बनाने के बाद सिविल सेवा की ओर रुख करना चाहते हैं।

राष्ट्रपति से भी मिल चुका है सम्मान
आनंद शर्मा वर्ष 2025 से मधुबनी के जिलाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। चुनाव के दौरान उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सम्मान भी मिल चुका है। अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने पटना में ADM और SDO के रूप में काम किया। इसके अलावा असिस्टेंट सेक्रेटरी, डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर और बिहार पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक जैसे पदों पर भी जिम्मेदारी निभाई। वह मुंगेर के जिलाधिकारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
मुंगेर से मधुबनी तक संभाली प्रशासनिक जिम्मेदारी
अपने अब तक के प्रशासनिक सफर में आनंद शर्मा ने बिहार के अलग-अलग विभागों और जिलों में काम किया है। पर्यटन विकास निगम से लेकर जिला प्रशासन तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने के बाद उन्हें मधुबनी की कमान सौंपी गई। अब ASI की फायरिंग के बाद उपजे तनाव के बीच उनके व्यवहार की चर्चा हो रही है। एक तरफ पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी तरफ पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर लोगों का गुस्सा सुनने के लिए DM की सराहना की जा रही है।





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